सरिता विशेष

मिलावट आज उस भूमि के लिए विदूषक की भूमिका में है जिस में कभी कारोबारी ग्राहक को अपना अन्नदाता समझते थे. कारोबारियों के लिए ग्राहक की जगह अब मिलावट अन्नदाता बन गई है और इस की बदौलत उन का कारोबार अब दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की पर है. दुनिया के कारोबारियों के लिए भारत का विशाल बाजार आकर्षण का केंद्र बन गया है. खाद्य वस्तुओं की उन की चमचमाती पैकेजिंग हमें आकर्षित कर रही है. और उन की यह आकर्षक पैकेजिंग हमारे जीवन को दांव पर लगा कर हम से ही पैसा बटोर रही है. मिलावट उन के कारोबार की रीढ़ बन चुकी है और मिलावट के इस मंच का हालिया विदूषक बन कर नेस्ले इंडिया सामने आया है. भांडा फूटने और मिलावट के मौजूदा सुबूतों के बावजूद उस के अधिकारी अपने लोकप्रिय रहे उत्पाद मैगी को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बता रहे हैं. आखिर उन्हें देश के सामने झुकना पड़ा और कंपनी को बाजार से अपनी 320 करोड़ रुपए की मैगी को वापस मंगाने के लिए विवश होना पड़ा.

इस के बाद ग्राहकों के लिए एक और खतरनाक खबर मदर डेयरी से आई. उस के दूध में मिलावट का मामला सामने आ गया. जिस दूध को हम स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद समझ कर अपने बच्चों को पिला रहे हैं उस में स्वास्थ्य के लिए घातक डिटरजैंट पाउडर की मात्रा मिली है. दूध में पानी की मिलावट पहले से होती रही है और इस मिलावट को हम ने कभी गंभीरता से नहीं लिया क्योंकि पानी स्वास्थ्य के लिए घातक नहीं होता है. लेकिन जब से दूध में डिटरजैंट अथवा यूरिया जैसे प्राणघातक तत्त्वों की मिलावट की खबरें आई हैं, हमारी चिंता बढ़ी है. लेकिन प्रशासन की लापरवाही के बावजूद हम उसे पीते रहे हैं. भैंस को खतरनाक टीका लगा कर ज्यादा दूध निकालने की खबरों से भी हम नहीं चेते. दीवाली अथवा अन्य त्योहारों के दौरान खोया आदि में मिलावट की खबरें हमेशा आती हैं लेकिन मामूली कार्यवाही कर के अपराधियों को छोड़ दिया जाता है जिस से उन के हौसले बढ़ते हैं. देश में इस अपराध के लिए सख्त कानून होता तो ऐसे कारोबारी तत्काल सलाखों के पीछे होते. अमेरिका जैसे देश में मिलावट पर सख्त सजा का प्रावधान है. बहरहाल, उम्मीद की जानी चाहिए कि सरकार इसे गंभीरता से लेगी और मिलावट रोकने के लिए कड़ा कानून बनाएगी ताकि मिलावट करने वाला ऐसा करने से पहले सौ बार सोचे.