सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के विनिवेश की प्रक्रिया को अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस की घोषणा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चालू वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए अपने बजट में ही कर दी थी.

वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार, जनवरी के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में ही मंत्रिमंडल ने सरकारी क्षेत्र की 5 कंपनियों नैशनल इंश्योरैंस कंपनी, ओरियंटल इंश्योरैंस, यूनाइटेड इंश्योरैंस, न्यू इंडिया इंश्योरैंस तथा जनरल इंश्योरैंस कौर्पोरेशन औफ इंडिया को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी. इस के साथ ही सरकार इन कंपनियों के विनिवेश की प्रक्रिया शुरू कर के इन पांचों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 100 प्रतिशत से घटा कर महज 75 प्रतिशत करना चाहती है. सरकार का कहना है कि विनिवेश की प्रक्रिया धीरेधीरे क्रियान्वित की जाएगी.

न्यू इंडिया इंश्योरैंस का मुनाफा 478 करोड़ रुपए तथा नैशनल इंश्योरेंस का लाभ 128 करोड़ रुपए है. शेष सभी कंपनियां घाटे में चल रही हैं. यूनाइटेड इंश्योरैंस का घाटा 428 करोड़ रुपए है जबकि ओरियंटल इंश्योरैंस का घाटा 382 करोड़ रुपए है. बीमा क्षेत्र की इन कंपनियों के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से जहां बाजार से पैसा जुटाया जा सकेगा वहीं सरकार की निवेश की प्रक्रिया में एक कदम आगे भी बढ़ा जा सकेगा. सरकार की योजना सूचीबद्ध की प्रक्रिया को इसी वित्त वर्ष में पूरा करने की है.

अब सवाल यह है कि इन कंपनियों के सूचीबद्ध होने से बीमाधारकों को किस तरह का फायदा होगा. बाजार से अच्छा पैसा जुटाया जाता है तो बीमाधारकों को भी इस का लाभ जरूर मिलना चाहिए.