वाहनों खासकर कारों की बिक्री का भारतीय बाजार चमक पर है. विश्व में भारत वाहनों की बिक्री का छठा सब से बड़ा देश है. भोजन और वाहनों की खरीद पर खर्च करने के लिए भारतीय सब से अधिक उत्साहित नजर आते हैं. भारत के मोटर मार्केट में डिजाइन की जाने वाली कारों की विदेशों में धूम है. खासकर दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर में भारत में डिजाइन की गई कारें सब से ज्यादा बिकने वाली कारों में शामिल हैं.

हमारे यहां सब से लोकप्रिय कार मारुति की कई डिजाइनों की विदेशों में भारी मांग है. मारुति सुजुकी के एर्टिगा ब्रैंड की इंडोनेशिया में खासी मांग है. इस का डिजाइन भारत में तैयार किया गया है और इंडोनेशिया में इस का बाजार हिस्सा करीब 5 प्रतिशत है. यह वहां बिक्री के लिहाज से चौथे पायदान पर है. इसी तरह से भारत की फोर्ड इंडिया की फिगो की दक्षिण अफ्रीका में जबरदस्त मांग है और उस के मार्केट रैंक का स्तर 10 है. इसी बाजार में भारतीय डिजाइन वाली टोयटा की एक कार भी धूम मचा रही है.

हुंडई तथा निशान के कुछ मौडल भी विदेशों में खूब पसंद किए जा रहे हैं. स्वयं भारत में छोटी कारें लोकप्रिय हो रही हैं और कार निर्माताओं के लिए गांव नया बाजार बन कर उभर रहा है. छोटे शहरों में कारों की बिक्री खासी बढ़ी है. यहां तक कि पूर्वोत्तर के एक राज्य ने तो राज्य मुख्यालय के लिए नियम बनाए हैं कि अगर क्रेता के पास कार रखने की जगह नहीं है तो वह कार खरीदने का विचार न करे.

प्रशासन का कहना है कि लोग कार खरीद कर सड़क पर खड़ी कर देते हैं जिस से यातायात में?रुकावट की समस्या बढ़ रही है. इस का मतलब यही हुआ कि अगर घोड़ा खरीदना है तो घुड़साल भी अपनी ही होनी चाहिए. यह ठीक है लेकिन अगर इस तरह की व्यवस्था पूरे देश में लागू हुई तो कारों की बिक्री का बाजार धरातल पर चला जाएगा.

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