सरिता विशेष

भारत में क्रेडिट कार्ड का प्रचलन तेजी से बढ़ता जा रहा है. ऑनलाइन शॉपिंग हो या रिटेल स्‍टोर से खरीदारी, रेस्‍टोरेंट से लेकर मूवी के टिकट के लिए सभी दिल खोल कर क्रेडिट कार्ड का इस्‍तेमाल करते हैं. यदि आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है, तो आपके पास कार्ड के लिए दिन भर में दो से तीन फोन आ जाते हैं. वहीं यदि आपके पास कार्ड है तो दूसरी कंपनी के कार्ड, अपनी ही कंपनी का एडिशनल कार्ड जैसे शानदार ऑफर भी मिलते हैं. लेकिन बैंक कई बार क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कुछ महत्‍वपूर्ण शर्तें आपसे छिपा लेते हैं.

फ्री ईएमआई स्‍कीम लेने के पहले जाने शर्तें

अक्‍सर बैंक अपने प्रिविलेज कस्‍टमर्स को फ्री ईएमआई या फिर क्रेडिट कार्ड पर जीरो परसेंट पर ईएमआई का वादा करते हैं. लेकिन बैंक शायद ही आपको जीरो ईएमआई से जुड़ी शर्तों को पढ़ने या समझने का समय देते हैं. आपको मालूम होना चाहिए कि जीरो प्रतिशत ब्याज पर ईएमआई पर नियम एवं शर्तें लागू होती हैं. अगर एक भी शर्त का उल्लंघन करते हैं तो 5 या 10 नहीं बल्कि 20 प्रतिशत से भी ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है.

समय पर प्‍वाइंट रिडीम्‍ड जरूरी

बैंक आपको कभी भी खुद से नहीं बताता है कि आप अपने प्वाइंट्स को कैसे रिडीम कर सकते हैं. ऐसे में जानकारी न होने से लाखों प्वाइंट्स पड़े रह जाते हैं और क्रेडिट कार्ड एक्सपायर हो जाता है. इसके अलावा जब आपके प्वाइंट्स 1000 से 10,000 जैसे लैंडमार्क को क्रॉस करते हैं तब बैंक ये नहीं बताता कि आपके इतने प्वाइंट हो गए हैं और आप उन्हें रिडीम कर कैशबैक लाभ ले सकते हैं.

ड्यू डेट का ध्‍यान

आपने अक्सर देखा होगा कि आपको मोबाइल बिल भरना हो तो टेलीकॉम कंपनियां लगातार एसएमएस भेजती हैं. वहीं बैंक भी आपको मिनिमम बैलेंस के लिए रिमाइंडर भेजती हैं. लेकिन क्रेडिट कार्ड के बिल को जमा करने के लिए आपके पास कोई मैसेज नहीं आता. वास्‍तव में देखा जाए तो बैंक खुद नहीं चाहते कि आप समय पर बिल जमा कर दें. ऐसे में आप खुद ही अपनी ड्यू डेट का ख्‍याल रखें. बैंक तो यही चाहते हैं कि आप लेट करें और बाद में लेट फीस भरें.

कार्ड अपग्रेड का लगता है वार्षिक चार्ज

बैंक आपको अक्‍सर कार्ड अपग्रेड करने का ऑफर देते हैं. अक्‍सर बैं‍क की एक्‍जीक्‍यूटिव आपको फ्री ऑफ कॉस्ट अपने सिल्वर कार्ड को गोल्ड में और गोल्ड को प्लेटिनम में अपग्रेड करवाने का लालच देते हैं. लेकिन ये नहीं बताते कि नए क्रेडिट कार्ड के लिए आपको 500 रुपए से लेकर 700 रुपए तक का शुल्क भी देना पड़ेगा.

लिमिट बढ़ने से बढ़ता है एनुअल चार्ज

क्रेडिट कार्ड धारकों को अक्सर एक कॉल आती है कि आपके क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट मुफ्त में बढ़ाई जा रही है. बैंक आपको प्रिविलेज कस्‍टमर मानते हुए आपकी लिमिट को दो गुना या इससे अधिक कर देता है. यहां आपसे आपकी सहमति भी नहीं मांगी जाती. लेकिन बैंक आपको कभी ये नहीं बताता कि इसके बाद आपका वार्षिक शुल्‍क बढ़ जाएगा.