अमीरों की सूची तैयार करने वाली फोर्ब्स पत्रिका ने इस बार एशिया के अमीरों की सूची तैयार की है. सूची में पूरे महाद्वीप से 50 अमीरों को शामिल किया गया है. इन अमीरों में 14 भारतीय शामिल हैं और 10 शीर्ष अमीरों में 4 भारतीय हैं. सूची में शामिल होने के लिए 2.9 अरब डौलर यानी करीब 18 हजार करोड़ रुपए की नैट संपत्ति होने की न्यूनतम पात्रता तय की गई थी. 2 से 3 भारतीय इस पात्रता सूची के बहुत नजदीक रहे हैं. गोयनका परिवार की कुल संपत्ति 2.8 अरब डौलर के करीब आंकी गई है. सूची में चीन के अमीरों की संख्या सब से अधिक है. भारत के मुकेश अंबानी, अजीम प्रेमजी, एस पी हिंदुजा तथा पी मिस्त्री शीर्ष 10 अमीरों की सूची में शामिल हैं. इन की संपत्ति पात्रता सूची से कई गुणा अधिक है. अंबानी के रिलायंस समूह की संपत्ति 21.5 अरब डौलर, अजीम प्रेमजी के विप्रो समूह की संपत्ति 17 अरब डौलर, हिंदुजा समूह की संपत्ति 15 अरब डौलर तथा मिस्त्री समूह 14.9 अरब डौलर की है.

एशिया के अमीरों की इस सूची में सैमसंग कंपनी का मालिक कोरिया का ली समूह पहले स्थान पर है. इस समूह की कुल संपत्ति करीब 27 अरब डौलर है. भारत का अंबानी समूह इस सूची में शायद पहले स्थान पर होता लेकिन अंबानी परिवार महज कुछ साल पहले 2 हिस्सों में बंटा है. धीरूभाई अंबानी के दोनों पुत्रों मुकेश तथा अनिल अंबानी ने अलगअलग कारोबार करने का फैसला किया और संपत्ति का बंटवारा हो गया. सूची में दूसरे स्थान पर हौंगकौंग की हंडरसन लैंड डैवलपमैंट कंपनी है. इस कंपनी की कुल संपत्ति 24.1 अरब डौलर है. अरबपतियों की सूची तेजी से बढ़ रही है लेकिन भारत जैसे देश में महंगाई बढ़ने और आय के सीमित साधन होने के कारण गरीबों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. रोजगार के अवसर आबादी के मुकाबले घट रहे हैं जिस से जनसामान्य में गरीबी बढ़ रही है. जरूरत गरीबों पर भी ध्यान देने, उन की आवाज सुनने और उन के लिए अवसर पैदा करने की है.

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