लड्डू बेसन के हों या बूंदी के, सब से ज्यादा खाए और बेचे जाते हैं. इन्हें किसी भी छोटीबड़ी दुकान से खरीदा जा सकता है. मिठाई कारोबार में बेसन के लड्डुओं की बहुत ज्यादा अहमियत है. इन को कहीं ले जाने में किसी तरह से खराब होने की परेशानी नहीं होती है. खुशी के हर मौके पर लड्डुओं का साथ जरूरी होता है. बेसन और बूंदी से बनने वाले लड्डू सब से खास होते हैं. लड्डू बनाने के तौरतरीकों से इस की अलग पहचान बनती है. मोतीचूर का लड्डू छोटीछोटी बेसन की बूंदियों से तैयार किया जाता है. इस का रंग बेसन या बूंदी के लड्डू से अलग होता है. जहां साधारण लड्डू पीले रंग के होते हैं, वहीं मोतीचूर के लड्डू केसरिया रंग के होते हैं. देशी घी से बनने वाले मोतीचूर के लड्डू खाने में अलग स्वाद देते हैं. रिफाइंड और डालडा से बनने वाले लड्डुओं के मुकाबले देशी घी से तैयार लड्डू कीमत में महंगे जरूर होते हैं, पर इन का स्वाद निराला होता है.

कुछ समय पहले शादी में लड़की की विदाई के समय लड्डुओं को बड़ेबड़े टोकरों में भर कर दिया जाता था. इन टोकरों से लड़की वालों की हैसियत का अंदाजा भी लगाया जाता था. बदलते समय में विवाह की इस परंपरा में दूसरी मिठाइयां भी शामिल हो गई हैं, पर लड्डू की जगह अभी कायम है. शगुन के रूप में लड्डुओं को अभी भी खास माना जाता है. कुछ लोग अपनी खुशियों में 51 और 101 किलोग्राम के स्पेशल लड्डू भी बनवाते हैं.

लड्डू बनाने के कारीगर रमेश गुप्ता कहते हैं, ‘लड्डू बनाने के लिए बेसन, घी, चीनी, काजू, बादाम और इलायची का इस्तेमाल किया जाता है. अगर बूंदी का लड्डू बनाना है, तो बेसन से पहले बूंदी बनाई जाती है, इस के बाद चाशनी में डाल कर उस से लड्डू तैयार किए जाते हैं.’

कैसे बनाते हैं लड्डू

रमेश गुप्ता कहते हैं, ‘बेसन के लड्डू बनाने के लिए 2 कप बेसन के साथ आधा कप घी, 1 कप पिसी चीनी, 5-6 काजूबादाम और इलायची की जरूरत होती है. काजू, बादाम और इलायची को दरादरा पीस लें. बेसन को छान लें. कड़ाही को गरम करें. उस में घी डालें. फिर बेसन और दरदरे पीसे काजू, बादाम व इलायची डाल कर मध्यम आंच पर भूनें. जब बेसन का रंग सुनहरा हो जाए तो उस में चीनी मिला दें. चीनी पिघल कर बेसन में ठीक से मिल जाती है. कड़ाही को आंच से उतार कर बेसन के मिश्रण को ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद थोड़ाथोड़ा मिश्रण हथेली के बीच में ले कर गोलगोल आकार के लड्डू बनाएं.’

बूंदी के लड्डू बनाने के लिए पहले बेसन से बूंदी बनाई जाती है. उस में खाने वाला रंग मिला कर बेसन से अलग रंग के लड्डू भी तैयार किए जा सकते हैं. बूंदी के आकार से ही लड्डू का स्वाद जुड़ा होता है. महीन बूंदी वाले लड्डू को मोतीचूर का लड्डू कहते हैं. तैयार बूंदी को चीनीपानी से तैयार चाशनी में मिलाया जाता है. कुछ ठंडा होने पर लड्डू बना कर तैयार किए जाते हैं. सजावट के लिए मेवों का इस्तेमाल किया जा सकता है.                    ठ्ठ

 

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