आज के दौर में ज्यादातर लोग खुद को मौडर्न और आजाद खयालों का बताते हैं, लेकिन ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो परीक्षा के लिए कठिन मेहनत करने के बाद भी अच्छे अंक पाने के लिए टोटकों और ऐसे अंधविश्वासों पर भरोसा कर आगे बढ़ते हैं. आइए जानें कि टोटके कैसे होते हैं और किस तरह उन से हमारा भला नहीं बल्कि बुरा होता है : कुछ विशेष टोटके हैं, परीक्षा से पहले घर से कुछ मीठा खा कर जाना, पैंसिल बौक्स में तुलसी का पत्ता रखना, लकी स्टोन या फिर गुडलक कड़ा पहनना, शुभ व्यक्ति को देख कर घर से निकलना, घर से ऐग्जामिनेशन हौल में पहुंचने तक किसी से भी बात न करना, किताब में मोर पंख रखना आदि.

ये भी हैं अजीब बेतुके गुडलक चार्म

गुडलक पैन : कुछ छात्रों को लगता है कि उन का वह पुराना पैन जिस से लिखने पर पिछली क्लास में अच्छे अंक आए थे, यदि वे उसे ले कर जाएंगे तो अच्छे अंक आएंगे, क्योंकि वह उन का गुडलक पैन है, लेकिन होता कुछ और ही है. अब समय काफी बदल गया है और कई अच्छी क्वालिटी के स्मूथ और जल्दी लिखने वाले पैन आ गए हैं, लेकिन उन के बीच इस पुराने पैन से लिखने की वजह से पेपर छूट भी सकता है इसलिए ऐसी किसी बेतुकी बात पर विश्वास करने के बजाय एक अच्छा, नया और स्मूथ पैन लें ताकि परीक्षा हौल में पैन की समस्या से जूझने के बजाय आप का ध्यान अपने प्रश्नपत्र  में दिए गए प्रश्नों का जवाब लिखने में हो.

मैना देखना गुडलक : कई लोगों का मानना है कि ऐग्जाम से पहले एकसाथ 2 मैना का दिखना शुभ होता है, इस से पेपर अच्छा जाता है. इसी वजह से छात्र पेपर से पहले पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय अपना समय मैना ढूंढ़ने में बरबाद करते हैं और पेपर खराब हो जाने पर उस की वजह समय बरबाद करना नहीं बल्कि मैना का न मिलना बताते हैं. अब उन्हें कौन समझाए कि पेपर और मैना का आपस में कोई संबंध नहीं बल्कि परीक्षा और मेहनत का संबंध है.

केले की जड़ : कई अंधविश्वासी लोगों का मत है कि केले की जड़ को ऐग्जामिनेशन हौल में ले जाने से ऐग्जाम में अंक अच्छे आते हैं. केले की जड़ को पैन में घिसने से भी अच्छे अंक मिलते हैं.  जबकि सच तो यह है कि कई बार जड़ को पैन में घिसने के चक्कर में ऐग्जामिनेशन हौल में टीचर की नजर में आ जाता है और उन्हें लगता है कि दाल में कुछ काला है और टीचर द्वारा जांचपड़ताल में उस का समय बरबाद होता है, साथ ही उसे शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है.

लकी कलर के कपड़े पहनना : कुछ छात्रों का विश्वास होता है कि अगर वे रैड कलर के कपड़े पहन कर पेपर देने जाएंगे तो उन्हें अच्छे मार्क्स मिलेंगे, इस वजह से वे भरी गरमी में भी लाल रंग के कपड़े पहन कर जाते हैं, जबकि इस से अच्छे अंकों का कोई लेनादेना है, यह सोचना बेवकूफी है.

गुडलक रूमाल :  हर पेपर में एक ही रंग का रूमाल रखना लकी माना जाता है और यदि किसी कारणवश रूमाल खो जाए तो पेपर खराब होने का सारा दोष रूमाल खोने को दिया जाता है, जबकि उस बात का इस से कुछ लेनादेना नहीं है.

दही खाना : ऐग्जाम देने निकलने से पहले दही खाना शुभ माना जाता है, लेकिन कई बार यदि छात्र का गला खराब हो उसे सर्दी आदि लगी हो और वह दही खा ले तो उस की यह तकलीफ और बढ़ जाती है, जिस से पेपर पर असर पड़ता है.

सफलता मेहनत करने से मिलेगी टोटकों से नहीं

परीक्षा में अंक पढ़ाई करने से मिलेंगे : कुछ छात्रों को गलतफहमी रहती है कि परीक्षा में उतने अंक पढ़ाई कर के जवाब लिखने से नहीं मिलेंगे जितने कि टोटके करने से मिल जाएंगे. अगर ऐसे लोग फेल हो जाते हैं तो उन्हें लगता है कि उन के टोटकों में कुछ कमी थी इसलिए इस बार किसी अच्छे जानकार से पूछ कर कुछ करना पड़ेगा और अगर पास हो गए तो सारा क्रैडिट पढ़ाई के बजाय टोनेटोटकों को देते हैं.

लेकिन सच तो यह है कि कितनी भी पूजा कर लो, कितना भी शुभ और अशुभ का राग अलाप लो, यदि पढ़ाई नहीं की है तो कोई ताकत नहीं है जो परीक्षा में अच्छे अंक दिलवा दे, इसलिए इन बेकार की बातों को छोड़ कर अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाएंगे तो किसी टोटके की जरूरत ही नहीं पड़ेगी वैसे ही अच्छे अंक आ जाएंगे.

सारे चैप्टर याद करोगे तो नंबर अवश्य मिलेंगे :  छात्र इस बात को नहीं समझ पाते कि अगर उन्होंने पाठ याद नहीं किया और प्रश्नपत्र में आने वाला कोई सवाल नहीं पढ़ा है तो अंक कैसे मिलेंगे? अगर सिलेबस को अच्छी तरह पढ़ा है तो परीक्षा में प्रश्नों के जवाब भी आ जाएंगे, लेकिन अगर पढ़ा ही नहीं तो उस में कोई भी कुछ नहीं कर सकता.

क्लास में पढ़ाई पर ध्यान दें : कक्षा में टीचर द्वारा जो पढ़ाया जाता है अगर उस पर ध्यान दिया जाए तो पूरा सिलेबस जल्दी समझने और कवर करने में समय नहीं लगता. क्लास में टीचर द्वारा पढ़ाने के साथसाथ यदि खुद भी पढ़ा जाए तो पिछड़ने से बच सकते हैं, क्योंकि टीचर पूरे साल का सिलेबस, ऐग्जाम के हिसाब से ही पूरा करवाता है. अगर क्लास में टीचर के साथसाथ पढ़ा जाए तो आप अपनी प्रौब्लम टीचर से पूछ कर सौल्व कर सकते हैं और ऐग्जाम टाइम में बस आप को रिवीजन ही करना पड़ेगा, क्योंकि पढ़ तो आप पहले ही चुके होंगे.

नोट्स बनाएं : हर सब्जैक्ट के महत्त्वपूर्ण बिंदुओं के नोट्स बनाएं. ऐग्जाम के समय पूरे सिलेबस को बारबार रिवाइज करना कठिन होता है, इसलिए जब भी किसी पाठ को पढ़ें तो जरूरी चीजों के नोट्स बना लें ताकि बारबार पूरे पाठ को दोहराने की आवश्यकता न पड़े. वे नोट्स आप को ऐग्जाम के समय काफी काम आते हैं. जब समय कम होता है और रिवाइज बहुत सारा करना होता है, नोट्स आप के बेहतर रिजल्ट में मददगार साबित होते हैं.

पढ़ाई कल पर न टालें : कहते हैं न कल करे सो आज कर आज करे सो अब, पल में प्रलय आएगी फिर करेगा कब. यह बात पढ़ाई पर तो बिलकुल सही लागू होती है. आप किसी भी काम को टाल लें, लेकिन पढ़ाई को नहीं टाल सकते. अगर नियमित पढ़ाई करेंगे तो किसी फालतू टोटके की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और सफलता भी मिलेगी.

कठिन विषय पर अतिरिक्त ध्यान दें : जिस सब्जैक्ट में आप को जरा भी डाउट हो उस में टीचर से मदद ली जा सकती है. ऐक्स्ट्रा क्लास लेने के बारे में भी बात की जा सकती है या फिर कोई प्राइवेट ट्यूशन ले कर प्रौब्लम सौल्व की जा सकती है. यदि आप उस विषय की पढ़ाई अच्छी तरह करेंगे तो ऐग्जाम आतेआते उस में माहिर हो जाएंगे.