सरिता विशेष

डांस मनोरंजन की एक लोकप्रिय कला है. खुशी के हर पल में इस की जरूरत महसूस की जाती है. आज गांवदेहात, छोटेबड़े शहरों में भी डांस ग्रुप को बुलाया जाने लगा है. आर्केस्ट्रा पार्टी के नाम से जाने जाने वाले ऐसे ग्रुप के बोर्ड सड़क किनारे लगे दिखते हैं. ऐसे में डांस ग्रुप चलाना कैरियर बन गया है. अब तो कई युवतियां भी अपने डांस ग्रुप चलाने लगी हैं, कुछ डांस ग्रुप में पार्टनरशिप में काम करती हैं. ग्रुप में डांस करने वाली प्रमुख डांसर को ‘लीड परफौर्मर’ कहते हैं. वह डांस ग्रुप की पहचान होती है. उस के नाम पर ही काम मिलता है. लीड परफौर्मर को डांस सीखने में ज्यादा समय नहीं लगता है. डांस को सीखने के लिए किसी ट्रेनिंग की खास जरूरत नहीं होती. टीवी और फिल्म देख कर डांस सीखा जा सकता है. जरूरत केवल इस बात की होती है कि सीखने वाले में डांस करने का जनून हो व स्टेज पर जाने से पहले वह अपने डांस को ले कर पूरा होमवर्क और तैयारी भी कर ले. अगर अच्छी कोरियोग्राफी की गई है तो वह देखने वाले को इंप्रैस करेगा ही. डांस में कैरियर बनाने के लिए अब युवकयुवतियों का नजरिया बदल रहा है. शुरू में युवतियों को कुछ परेशानी आती है, लेकिन अब उन के परिवार के लोग भी इसे हलके में नहीं लेते हैं. आज डांस के जरिए कोई भी युवती अपना कैरियर बना सकती है. फ्रैश डांसर को शुरुआत में डांस करने पर कम पैसे मिलते हैं. जब डांसर अनुभवी हो जाती है तो उसे ज्यादा पैसे मिलने लगते हैं. अनुभवी डांसर तो अपना खुद का डांस ग्रुप भी शुरू कर लेती है.

अच्छी है कमाई

एक डांस शो में 35 से 50 हजार रुपए तक मिल जाते हैं. इस में खाने, रहने और आनेजाने का पैसा शामिल नहीं होता. ऐसे में हर डांसर के हिस्से में 2 से 4 हजार रुपए आ जाते हैं. अपने डांस ग्रुप का प्रचार करने के लिए इवैंट मैनेजर और दूसरे संपर्कों का सहारा लिया जाता है. जिन लोगों की डांस में रुचि है पहले उन को दूसरे डांसग्रुप के साथ काम करना चाहिए. डांस की ट्रेनिंग लेने में बहुत समय नहीं लगता है, बस लगन व प्रैक्टिस की जरूरत होती है. डांस के लिए डांसर को अपनी बौडी को फिट रखना होता है. इस में मेकअप का रोल अहम होता है. हमेशा गानों की थीम और ड्रैस के अनुसार मेकअप करना पड़ता है. परिवार में अगर कोई डांस के क्षेत्र में नहीं भी है तो भी युवतियां परिवार वालों को डांस के महत्त्व को समझाती हैं कि इस को कैरियर बना अच्छी कमाई की जा सकती है. डांस को ले कर छोटे शहरों की युवतियों की सोच बदल रही है. डांस करने वाली युवतियों के लिए अकसर लोग गलत सोच बनाते हैं. अनुचित टिप्पणी भी करते हैं, लेकिन जब कैरियर लीक से हट कर होगा तो युवतियों के हौसले भी पस्त नहीं होंगे.

आइटम डांस देखना चाहते हैं लोग

– नंदिनी शर्मा

पहले डांस में कैरियर बनाने वालों के लिए 2 ही रास्ते होते थे, डांसर कल्चरल डांस सीखे या फिर फोक डांस. इस के अलावा फिल्मी डांस का महत्त्व फिल्मों में ही काम देता था. फिल्मों में काम मिलना मुश्किल काम होता था. तमाम कलाकार तो जीवन भर स्टेज पर आने के लिए तरस जाते थे. अब हालात बदल रहे हैं, युवतियों को भी डांस करने के तमाम अवसर मिलने लगे हैं. बड़े शहरों के अलावा छोटेछोटे शहरों में रहने वाली युवतियां भी डांस को कैरियर बनाने में लगी हैं. ऐसी युवतियां न केवल खुद का कैरियर बना रही हैं बल्कि दूसरे युवकयुवतियों के लिए भी इस क्षेत्र में बेहतर कैरियर बनाने में मदद कर रही हैं. आगरा की रहने वाली नंदिनी शर्मा ने मौडलिंग और ऐक्टिंग से अपना कैरियर शुरू किया. आज वे ‘स्पारकल डांस ट्रूप’ चलाती हैं. इस में 4 युवक और 4 युवतियां उन का साथ देती हैं. 6 साल की मेहनत के बाद नंदिनी ने मनोरंजन जगत में अपने डांस ग्रुप की अच्छी पहचान बना ली है.

आगरा के एसएसडी गर्ल्स कालेज से इंटर करने के बाद नंदिनी ने आगरा विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसी बीच उन के मन में मौडलिंग और ऐक्टिंग करने का खयाल आया. वे अपने उद्देश्य में सफल होने के लिए मुंबई पहुंच गईं. यहां रैंप शो, टीवी सीरियल, विज्ञापन फिल्में और डांस कर के अपने को स्थापित किया. नंदिनी कहती हैं कि टीवी सीरियल करने के दौरान मुझे लगा कि अगर मैं डांस में ही अपने को फोकस करूं तो इसे कैरियर बना सकती हूं. इस से कुछ दूसरे युवकयुवतियों को भी काम मिल सकेगा. यही सोच कर मैं ने 2006 में अपना डांस ग्रुप बनाया. अब मुझे इस बात की खुशी है कि मैं खुद के साथसाथ दूसरों के लिए भी मददगार साबित हो रही हूं.

परिवार का सहयोग

नंदिनी के परिवार में मातापिता के अलावा 2 बहनें और 3 भाई हैं. नंदिनी से पहले उन के परिवार में किसी ने डांस के बारे में सोचा भी नहीं था. स्टेज पर डांस करने की तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.वे कहती हैं, ‘‘शुरुआत में घर वालों को मेरे स्टेज डांस से परेशानी हुई. धीरेधीरे उन को समझ में आया कि सबकुछ इतना बुरा नहीं होता है जितना लोग समझते हैं. तब वे मुझे सहयोग देने लगे. अब सभी मेरे काम की तारीफ करते हैं और खुश हैं. हर मांबाप बच्चे को सफल होते देखना चाहते हैं. उन को अगर सही तरह से समझाया जाए तो वे बच्चों की खुशियों के आड़े कभी नहीं आते हैं.’’पूरे देश में 300 से अधिक डांस शो कर चुकी नंदिनी ने डांस कहीं से सीखा नहीं है. स्टेज पर जब वे थिरकती हैं तो लगता है जैसे बिजली चमक रही हो. उन का दुबलापतला शरीर, गोरा रंग और शोख अदाएं देखने वालों पर बिजली  गिराती हैं.

उन के डांस ग्रुप को काम कैसे मिलता है, पूछने पर नंदिनी कहती हैं, ‘‘हमारे अपने जानने वाले लोग और इवैंट कंपनी से इस में मदद मिलती है. हम वैस्टर्न, थीम डांस, फिल्मी डांस और आइटम डांस सभी कुछ करते हैं. ज्यादातर लोग आइटम डांस की फरमाइश करते हैं. उस समय जो भी आइटम डांस हिट होता है उस की डिमांड भी ज्यादा होती है.’’

दिखाएं समझदारी

नंदिनी को कैटरीना कैफ, मलाइका अरोड़ा खान का डांस सब से अच्छा लगता है. वे कहती हैं, ‘‘डांसर के लिए उस की बौडी सब से खास होती है. इस के लिए जरूरी है कि डांसर अपने खानपान और ऐक्सरसाइज का सही खयाल रखें. खाने में मेवे व जूस का प्रयोग ज्यादा करें. औयली चीजें कम खाएं. डांस करने वाले को नएनए डांस स्टैप्स सीखते रहने चाहिए. अपने साथी डांसर्स के साथ स्टेज पर बेहतर कोआर्डिनेशन रखना चाहिए. स्टेज

पर नएनए डांस स्टेप्स दिखाने के लिए कोरियोग्राफर का भी बड़ा महत्त्व होता है.’’ डांस, ऐक्टिंग और मौडलिंग जैसी फील्ड में युवतियों के शोषण पर नंदिनी शर्मा का कहना है कि यह ग्लैमर की दुनिया है. युवतियों का शोषण करने वाली बातें कुछ ज्यादा प्रचारित की जाती हैं. बिना सहमति के कोई शोषण नहीं कर सकता है. अगर कहीं ऐसा होता है तो युवतियों को समझदारी से काम लेना चाहिए.