लेख

गोविंदाः विनाशकाले विपरीत बुद्धि
गोविंदा का दावा है कि वह धर्म कर्म में यकीन करते हैं. वह अक्सर अपनी मां के पदचिन्हों पर चलते रहने का दावा करते हैं.