नैटफ्लिक्स चैनल की सफलता के बाद अब हौलीवुड की अन्य फिल्में दिखाने के लिए वाल्ट डिज्नी कंपनी भी अपना चैनल शुरू करने वाली है. डिज्नी की अपनी फिल्में व जिन फिल्मों के कौपीराइट्स उस ने ले रखे हैं, वे सभी उसी के चैनल पर औनलाइन रिलीज होंगी और जब चाहो, देखी जा सकेंगी. ब्रौडबैंड इंटरनैट की स्पीड जैसेजैसे सुधर रही है, लोग बिना इंटेरप्शन या विज्ञापनों के हाई क्वालिटी में स्ट्रीमिंग फिल्में नैटफ्लिक्स और अमेजौन पर देख रहे हैं. ग्राहकों को अब इन चैनलों को अलगअलग सब्सक्राइब करना पड़ेगा जब तक कोई ऐसा औप्शन नहीं आ जाता जिस में सैटटौप बौक्स की तरह आप चैनल बदल कर स्ट्रीमिंग कंपनी बदल सकें लेकिन भुगतान एक ही जगह पर कर सकें.

बड़ी स्क्रीन पर दिखने वाली ये फिल्में शायद एक बार फिर सिनेमाहौलों पर संकट ला दें. मल्टीप्लैक्सों में अरबों रुपए लगाए गए हैं जिन में एक ही लौबी, एक ही फूड सर्विस के माध्यम से कई हौलों में फिल्में दिखाना संभव हुआ है. सिनेमा हौलों के दरवाजे पहले हर 2-3 घंटे में खुलते थे, पर अब मल्टीप्लैक्सों के दरवाजे हर समय खुले रहते हैं. दर्शकों को यह सुविधा भी हो गई है कि एक ही मल्टीप्लैक्स में कई फिल्में देखने को मिल जाती हैं. इस सुविधा ने सिंगल स्क्रीन हौलों को तो खत्म कर दिया लेकिन मल्टीप्लैक्सों को जान दे दी है. अब स्ट्रीमिंग औनलाइन फिल्मी सेवाएं मल्टीप्लैक्सों को चुनौती पेश कर रही हैं. एंड्रौयड टीवी आने के कारण यह काम और आसान हो रहा है. एंड्रौयड स्टिक भी आ गई है जिस से पुराने टीवी पर स्ट्रीमिंग फिल्में देखना संभव हो गया. इस सब का दुखद पक्ष यह है कि यह सारी मेहनत केवल कोरा मनोरंजन देने के लिए की जा रही है. डिज्नी, नैटफ्लिक्स, अमेजौन या इसी तरह की कोई और सेवा न ज्ञान बांटने वाली हैं न मार्गदर्शन करने वाली. तमाशा ही जीवन का बड़ा हिस्सा बन रहा है.

कठिनाई यह है कि सर्कस से कभी रोटी पैदा नहीं होती. ग्रीक और रोमन राजाओं ने जनता को बहलाने के लिए सर्कसों का आयोजन किया और बड़ेबड़े पैंथियन बनाए थे पर उसी ने रोमन सभ्यता का अंत किया, क्योंकि आम जनता को कुछ साल तो बहकाया जा सका पर उसे रोटी न दी जा सकी. स्ट्रीमिंग फिल्मी सेवाएं लोगों को बहलाएंगी, फिल्म एडिक्ट बनाएंगी पर नया करने या जीवन के संघर्षों से मुकाबला करना नहीं सिखाएंगी. भारत जैसे गरीब देश ही नहीं, अमेरिका जैसे अमीर देशों में भी जरूरत उत्पादकता की है, मनोरंजन की नहीं. ये सेवाएं लोगों को निचोड़ कर रख देंगी. ये अफीम से कम नहीं हैं.