बीमारी से पहले सर्जरी करा लेना कि कहीं बीमारी न हो जाए, आमतौर पर सुना नहीं जाता पर हौलीवुड की अभिनेत्री एंजेलिना जोली ने अपने स्तन ही कटवा दिए और अब खुल्लमखुल्ला इस बात को जगजाहिर कर दिया. उन की मां को ओवरी कैंसर हो गया था जिस के कारण 56 वर्ष की आयु में ही उन की मृत्यु हो गई थी और एंजेलिना जोली को बै्रस्ट कैंसर होने के 87 प्रतिशत चांस?थे और ओवरी में कैंसर होने के 50 प्रतिशत, क्योंकि उन के स्तनों में बीआरसीए जीन मौजूद था.

यह फैसला हिम्मत का था क्योंकि एक फिल्म अभिनेत्री की सब से बड़ी पूंजी उस का शरीर होता है और अभिनेत्रियों को फिल्म में अकसर अपने?स्तन तक दिखाने होते हैं. प्लास्टिक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के कारण एक छोटे से स्कार के अलावा उन को कोई नुकसान नहीं हुआ है.

बड़ी बात यह है कि एंजेलिना जोली जैसी सौंदर्य की प्रतिमूर्ति ने अपने शरीर में इस तरह का जोखिम लेने की हिम्मत की. आमतौर पर ब्रैस्ट कैंसर की पीडि़त औरतें महीनों नहीं वर्षों तक इस फैसले को टालती हैं कि स्तन कटने के बाद वे अधूरी रह जाएंगी और उन्हें न पति का प्यार मिलेगा, न समाज उन्हें इज्जत देगा. एंजेलिना जोली ने इस सोच को तोड़ कर साहस का उदाहरण पेश किया है.

3 अपने बच्चों और 3 गोद लिए बच्चों की मां के लिए इस तरह का फैसला लेना, खासतौर पर तब जब हर रोज अखबारों की सुर्खियां बनती हों, एक उदाहरण है. स्तन औरत की शान हैं पर कैंसर से तिलतिल कर मरने से अच्छा है कि उस अंग को कटवा दिया जाए जिस में कैंसर होने का खतरा हो.

यह खतरा पारिवारिक इतिहास पर निर्भर करता है. यदि मां, नानी, दादी, बहन आदि को इस तरह का कैंसर हो तो एंजेलिना जोली का संदेश है कि जांच करवाओ, अगर कैंसर का थोड़ा सा भी अंदेशा हो और डाक्टर कहे कि स्तन कटवाएं तो उस की बात मान लें. स्तन औरत का सौंदर्य है पर जीवन नहीं.

हो सकता है कि भविष्य बताए कि एंजेलिना जोली ने नाहक यह कदम उठाया, पर फिर भी इस तरह का डर दूर करने का हर यत्न करना फर्ज है. केवल सुंदर दिखते रहने के लिए डरना ठीक नहीं और अब तो पता भी नहीं चलता कि एंजेलिना जोली ने स्तन नकली बनवाए हैं.