सरिता विशेष

नोटबैन की चोट पर मरहम फेरते हुए सरकार आम आदमी को एक बड़ा तोहफा दे सकते हैं. सरकार देश में हर महीने सबको एक फिक्‍स रकम देने की तैयारी कर रही है. इस साल पेश होने वाले आम बजट में यह घोषणा की जा सकती है. माना जा रहा है कि जल्द जरूरतमंदों को हर महीने आमदनी के तौर पर एक तयशुदा रकम मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक सर्वे और आम बजट में इसका ऐलान हो सकता है. सरकार की तरफ से इस बात की अधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है.

आ सकती है नई स्कीम

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सरकार यूनीवर्सल बेसिक इनकम नामक एक नई स्कीम शुरू कर सकती है. इस स्कीम के अंतर्गत राज्‍य या सरकार देश के हर नागरिक को एक निश्चित रकम देगी. चाहे कोई व्यक्ति काम कर रहा हो या नहीं.

पायलट प्रोजेक्‍ट के रूप में लाई गई स्कीम

यूनीवर्सल बेसिक इनकम का प्रस्ताव लंदन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गाय स्टैंडिंग ने तैयार किया है. प्रोफेसर गाय स्‍टैंडिंग का कहना है कि इंदौर और दिल्‍ली में छोटे समूह के बीच इस स्‍कीम को पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर लागू किया गया. इसमें वयस्‍कों को 500 रुपए महीना और बच्‍चों को 150 रुपए महीने दिए गए. इसके बेहतर नतीजे सामने आए. इन लोगों ने हर माह एक निश्चित रकम मिलने के बाद अपनी इनकम को बढ़ाने का प्रयास किया और इसमें सफल भी रहे.

शुरुआत होगी गरीबों से

सरकार शुरूआत में गरीबों को 1 महीने तक 1 निश्चित रकम देकर इस स्कीम की शुरूआत कर सकती है. जिनके पास इनकम का कोई स्रोत नहीं है, उन्हें इस स्कीम से बड़ा फायदा हो सकता है. सरकार इस तरह से 20 करोड़ लोगों को हर माह 1 निश्चित रकम दे सकती है. बाद में इस स्‍कीम के तहत देश के हर नागरिक को कवर किया जा सकता है.

क्या देने के लिए हैं इतने पैसे?

गाय स्‍टैंडिंग का कहना है कि इस स्‍कीम को लागू करने के लिए मोदी सरकार के पास पर्याप्‍त फंड है. स्‍कीम को देश भर में लागू करने पर सकल घरेलू उत्‍पाद यानी जीडीपी का 3 से 4 फीसदी खर्चा आएगा. वहीं मौजूदा समय में सरकार सब्सिडी पर जीडीपी का 4 से 5 फीसदी खर्च कर रही है. यह स्कीम लागू करने के बाद सब्सिडी खत्म की जा सकती है.

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