सरिता विशेष

एटीएम ने बैंक से जुड़ी हमारी जीवनप्रक्रिया को सरल बना दिया है और जेब में ज्यादा नकदी ले कर चलने की असुविधा से मुक्त कर दिया है. हमें जहां और जितनी राशि अपने बैंक से चाहिए, एटीएम से मिल जाएगी. हालांकि, सरकार ने एटीएम के निशुल्क इस्तेमाल पर अब अंकुश लगा दिया है. दूसरे बैंक के एटीएम के इस्तेमाल को भी सीमित कर दिया गया है. बैंक एटीएम सुविधा का अन्य श्रेणी के लिए इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहे हैं और उस दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इस क्रम में सब से बड़ी पहल रेलवे कर रहा है.

रेलवे बोर्ड की एक खबर के अनुसार, एटीएम से टिकट निकालने की योजना पर विस्तार से बातचीत चल रही है. रेलवे को डिजिटल से जोड़ने की प्रक्रिया के तहत टिकटकाउंटर को भी कैशलैस बनाया जा रहा है. एटीएम से रेल टिकट मिलने की सुविधा से रेल टिकट के लिए होने वाली असुविधा से नजात मिलेगी. इस संदर्भ में रेलवे के अधिकारियों और बैंक अधिकारियों के बीच काफी समय से बातचीत चल रही है और इस के लिए सौफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है.

यहां विशेष बात यह है कि यदि एटीएम पर रेल रिकट मिलने लगेंगे तो पैसा निकालने वालों को दिक्कत होगी. इसलिए एटीएम के साथ एटीवी यानी औटोमैटिक टिकट मशीन लगाई जाएगी. एटीवी की स्थापना में थोड़ा वक्त लगने की संभावना है. लेकिन एटीएम के लिए रेल टिकट निकालने के वास्ते जिस सौफ्टवेयर पर काम चल रहा है उस की सफलता के बाद एटीएम में पैसे के साथ ही रेल टिकट निकालने की रेलयात्रियों को सुविधा मिल जाएगी.

औनलाइन रेल टिकट के बाद एटीएम से टिकट मिलना रेल का डिजिटल भारत के लिए क्रांतिकारी कदम होगा. यह सुविधा उपलब्ध होने के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग की लाइनों में खड़े होने से छुट्टी मिल जाएगी. साथ ही, रेल टिकटों की ब्लैकमेलिंग पर भी लगाम लगेगी. रेलवे के टिकटकाउंटर दलालों से मुक्त हो सकेंगे और जरूरतमंद रेलयात्री को आसानी से गंतव्य तक पहुंचने का टिकट मिल जाएगा.