कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत की सरकार ने भारतीय रुपए में मसाला बौंड जारी किया है. 3 साल की अवधि वाले मसाला बौंड के जरिए ब्रिटिश कोलंबिया सरकार करीब 670 करोड़ रुपए जुटाएगी. इस बौंड के जानकार दुनिया में तेजी से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति कनाडा के विश्वास के रूप में देख रहे हैं. उन का मानना है कि यह बौंड जारी कर के कनाडा ने यह संकेत भी दिया है कि आने वाले समय में वह भारत के विनिर्माण क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा. यह बौंड लंदन स्टौक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया गया है.

ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत की सरकार ने कहा है कि इस बौंड को जारी करने का मकसद आर्थिक स्तर पर विश्वास को बढ़ाना है तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था एवं रुपए में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना है. इस के साथ ब्रिटिश कोलंबिया रुपए में बौंड जारी करने वाली दुनिया की पहली सरकार बन गई है.

ब्रिटिश कोलंबिया की सरकार इस से पहले 2013 में चीनी मुद्रा में भी बौंड जारी कर चुकी है. इस बौंड से साबित हो गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति वैश्विक स्तर पर विश्वास बढ़ रहा है. दुनिया के प्रमुख देश भारत के ढांचागत विकास में पूरे आत्मविश्वास के साथ निवेश करने के लिए तैयार हो रहे हैं. इस बौंड का नाम सोचीसमझी रणनीति के तहत ‘मसाला’ रखा गया है. इस से जहां भारतीय निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा वहीं भारत के प्रति अन्य निवेशकों के झुकाव का भी आकलन किया जा सकता है. कनाडा की प्रांतीय सरकार का यह बौंड एचडीएफसी बैंक के मसाला बौंड में पुनर्निवेश है. एचडीएफसी बैंक ने हाल ही में लंदन स्टौक एक्सचेंज में इंडियन मसाला बौंड जारी किया था.