सरिता विशेष

चेहरे को आकर्षक बनाने में आईब्रोज की मुख्य भूमिका होती है. अगर आईब्रोज की सही तरीके से ग्रूमिंग न हो या उन का शेप सही न हो, तो चेहरे की सुंदरता कम हो जाती है. वैसे हर इनसान की आईब्रोज आमतौर पर उस के चेहरे की बनावट के अनुसार होती हैं. जैसे किसी की मोटी तो किसी की पतली आईब्रोज की शेप ठीक कराने के लिए अधिकतर महिलाएं पार्लर जाती हैं. पर वहां सही शेप न बनने पर सिर्फ चेहरा ही नहीं चेहरे के भाव भी बदल जाते हैं, इसलिए हमेशा अच्छे ब्यूटीपार्लर में ही जा कर आईब्रोज की ग्रूमिंग करानी चाहिए.

इस के बारे में ओरिफ्लेम की ब्यूटी ऐंड मेकअप ऐक्सपर्ट आकृति कोचर बताती हैं कि कोई भी मेकअप ट्रैंड फिल्मों से आता है. पहले हीरोइनें पतली आईब्रोज रखा करती थीं, इसलिए उस का ट्रैंड चला. अभी बुशी आईब्रोज का फैशन पिछले कुछ सालों से चल रहा है. मेकअप में आईब्रोज का सही आकार आप की उम्र को 5 साल तक कम कर सकता है और आईब्रोज को वैसे तो आर्क शेप में होनी चाहिए पर वह शेप भी हर महिला के चेहरे के अनुसार अलगअलग रखा जाता है. जैसे अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन का चेहरा बहुत शार्प है, इसलिए उन पर पारंपरिक हाई आईब्रोज वाला आर्क शेप अच्छा लगता है, तो अभिनेत्री काजोल की आईब्रोज जुड़ी हुई हैं पर वे उन की आंखों की खूबसूरती बढ़ाती हैं. कुल मिला कर बात यही है कि चेहरे के अनुरूप सही तरीके से ग्रूमिंग की गई आईब्रोज हर किसी के फीचर को उभारती हैं और नया लुक देती हैं. फिर चाहे वे रानी मुखर्जी हों, कैटरीना या दीपिका. सब की आईब्रोज उन के चेहरे को सुंदर बनाती हैं.

आइए जानते हैं कि किस चेहरे पर कैसी आईब्रोज फबती हैं:

– ओवल चेहरे पर उभरी हुई आईब्रोज अच्छी लगती हैं. बौलीवुड अभिनेत्रियां आमतौर पर इसी तरह की आईब्रोज बनवाती हैं. ऐसी आईब्रोज का अंतिम हिस्सा कान की तरफ नीचे मुड़ना चाहिए.

– गोल चेहरा हो तो ऊंची आईब्रोज बनवाएं. बीच में ज्यादा उभार हो.

– वर्गाकार चेहरे पर भी आईब्रोज ऊंची रखनी चाहिए और उन का ऐंगल शार्प होना चाहिए.

– चौकोर चेहरे पर आईब्रोज चौड़ी रखें. इस के अलावा हलकी गोलाई ऐसे चेहरे पर अच्छी लगती है.

– हार्ट शेप चेहरा होने पर राउंड शेप में आईब्रोज बनवाएं. कर्व बेहद हलका दें. इस से चेहरे की खूबसूरती बढ़ेगी.

– आईब्रोज को अधिक नुकीला न बनवाएं. आईब्रोज हमेशा आंखों से थोड़ी लंबी होनी चाहिए. अगर नाक बड़ी और चौड़ी है, तो दोनों आईब्रोज के बीच अधिक दूरी नहीं रखनी चाहिए. दोनों आईब्रोज के बीच की दूरी दोनों आंखों के बीच की दूरी के बराबर होनी चाहिए.

– सही आईब्रोज से चेहरे पर चमक आती है. 30 से 40 साल तक की उम्र में आईब्रोज अच्छी रहती हैं, लेकिन 50-60 की उम्र में त्वचा ढीली हो जाती है तो आईब्रोज कम होने लगती हैं. ऐसे में ब्लैक या डार्क ब्राउन आईशैडो या आईब्रो पैंसिल का प्रयोग करना चाहिए.

आकृति आगे बताती हैं कि आईब्रो पैंसिल के स्ट्रोक, आईब्रोज के हेयर के हिसाब से धीरेधीरे करने चाहिए. सैंटर से हेयर ग्रो की तरफ हलके हाथों से ताकि आप का लुक नैचुरल लगे. कई बार आईब्रोज कम होने पर महिलाएं अधिक चिंतित होती हैं तो आर्टिफिशियल आईब्रोज लगवाने के लिए कौस्मैटिक सर्जन के पास जाती हैं. ऐसा करें, लेकिन अच्छे कौस्मैटिक सर्जन से ही आईब्रोज लगवाएं. इस के अलावा आईब्रोज पर टैटू भी किया जाता है, जो परमानैंट होता है. टैटू के द्वारा इस में कलर भर दिया जाता है, जो खराब नहीं होता. इस से अलग एक बात यह है कि कैस्टर औयल लगाने से आइब्रोज अच्छी निकलती हैं.

न करें ये गलतियां

कुछ कौमन गलतियां जो महिलाएं अकसर करती हैं, निम्न हैं:

– सही रंग की आईब्रोज न बनाना. आईब्रोज हेयर कलर के अनुरूप होनी चाहिए. अधिक गाढ़ा या हलका रंग ठीक नहीं होता.

– नैचुरल आर्क को बनाए न रखना.

– सही तरह से आईब्रो पैंसिल का प्रयोग न करना.

– आईब्रोज अधिक पतली कर लेना.

– दोनों आईब्रोज को समान रूप से न बनाना.