सरिता विशेष

होली के त्योहार का रंग बदल गया है. अब गीले और स्किन को खराब करने वाले रंगों से परहेज होने लगा है. पहले होली खेलने के लिये लोग पुरानी ड्रेस का उपयोग करते थे, जिससे उसके खराब होने पर भी फर्क नहीं पडता था. अब ज्यादातर महिलायें होली के रंगों का लुत्फ उठाने के लिये डिजाइनर पोशाके पहन कर आती है. होली का आयोजन फाइव स्टार होटलों में होने लगा है. लखनऊ के फाइव स्टार होटल रेनंसा में होली हंगामा पार्टी का आयोजन किया गया. होली हंगामा में सबसे अच्छी ड्रेस पहन कर रैंप पर खूबसूरत स्टाइल दिखाने वाली अंजुम, सुची और निधि को होली क्वीन के रूप में चुना गया. होली हंगामा पार्टी में हिस्सा लेने वालों के बीच कई तरह के होली गेम्स भी खेले गये.

होली के मजेदार गानों पर भाव्या और श्वेता ने डांस किया. होली हंगामा का आयोजन करने वाली सलोनी केसरवानी ने बताया कि होली हंगामा पार्टी को पूरी तरह से होली के रंग में रंगने के लिये सूखे रंगों का प्रयोग किया गया. सभी ने एक दूसरे पर रंग लगाये. होटल रेनेंसा के खूबसूरत लौन में रंग खेलने का इंतजाम किया गया था. गेम्स के विजेताओं को उपहार दिया गया. सलोनी ने बताया कि सूखे रंगों से होली खेलने से स्किन खराब नहीं होती ड्रेस से रंग को आसानी से छुडाया जा सकता है.आजकल लोग रंगों में मिलावट  की वजह से रंग खेलने से बचते है. सूखे रंगों से खेलने में पानी की बरवादी को भी रोका जा सकता है. ऐसे में जरूरी है कि सूखे रंगों की होली को बढावा दिया जाये.