सरिता विशेष

प्रेमी के साथ संबंध में जब पति ने टोकाटाकी की तो पत्नी ने केवल पति को मार दिया बल्कि उसका शव घर के स्टोररूम में 1 फिट गहरे गढ्ढे में गाढ दिया. पति की हत्या करते समय पत्नी को एक बार भी यह ख्याल नहीं आया कि इसके बाद उसके बेटों संदीप और रोहित का क्या होगा? परिवार की गरीबी के चलते अपनी पढाई छोड चुके संदीप और रोहित के सामने परेशानी यह है कि वह मां के जेल जाने और पिता की मौत के बाद अपना जीवन कैसे गुजरबसर करें?

अवैध संबंध केवल शहरी वर्ग या संस्कृति के लिये ही अभिशाप नहीं बन रहे है छोटे गरीब गांव में रहने वाले परिवार भी अवैध संबंधे की आग में झुलस रहे है. होली का त्योहार तो दूसरे से भी गले मिलने का होता है. उसमें कोई अपनों की हत्या कैसे कर सकता है. उत्तर प्रदेश की राजधनी लखनऊ से 22 किलोमीटर दूर गोसाईगंज इलाके में महमूदपुर गांव पडता है. कूढामउफ इस गांव का एक मजरा है. यहां पर 35 साल का राजकुमार रावत पत्नी रामरति के साथ रहता था. दोनो की शादी का 18 साल बीत चुके थे.

वैसे तो राजकुमार का अपना बडा परिवार था. उसके सभी भाई कमलेश, प्रभू, सुदंर, ब्रजेन्द्र और दीपक अलग अलग रहते थे. राजकुमार शादियों में बैड बजाने का काम करता था. जब शादियों का सीजन नहीं होता था तो वह मेहनत मजदूरी कर लेता था. राजकुमार और रामरति के दो बेटे 16 साल का संदीप और 12 साल का रोहित स्कूल पढने जाते थे. घर में पैसों की कमी के कारण स्कूल छोड दिया और खेती के काम में लग गये. राजकुमार ने बकरी पाली थी, उसकी यह दोनो बेटे ही देखरेख करते थे. रामरति का दिल पास के गांव में रहने वाले सुनील से लग गया. वह दोनो अक्सर अकेले में मिलने लगे. दोनो की मुलाकात में बच्चे बाधा न बने इसलिये रामरति बच्चों को घर से दूर दूसरे मकान में रखती थी. 23 मार्च होली के दिन रामरति को सुनील से मोबाइल से बात करते राजकुमार ने देख लिया. इसके बाद पतिपत्नी में झगडा हुआ.

रामरति ने पति राजकुमार को मारने के लिये शराब पिलाने की योजना बनाई. फोन करने के लिये माफी भी मांग ली. राजकुमार ने पत्नी को माफ कर दिया. रामरति ने शराब में पहले से मक्खी मारने वाली दवा मिला रखी थी. शराब पीने के बाद राजकुमार बेहोश हो गया. तब रामरति ने सुनील को घर बुलाया और गला दबा कर पति राजकुमार की हत्या कर दी. हत्या के बाद उसके शव को घर के कमरे में ही 1 फिट गहरा गढ्ढा खोद कर दबा दिया. पति के गायब होने के बाद रामरति ने उसको इधर उधर तलाश करना शुरू किया. 3 दिन बाद जब घर से बदबू उठने लगी तो राजकुमार के भाई ने रामरति को पुलिस में शिकायत करने के लिये कहा. तब रामरति ने पति राजकुमार की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गोपेन्द्र यादव और एसओ गोमतीनगर अरविंद पाडेंय ने रामरति से पूछताछ की. तो उसने पूरी बात बताई. पुलिस ने घर के कमरे को खोलकर गढ्ढे से राजकुमार का शव बरामद किया. पुलिस ने हत्या और लाश छिपाने के आरोप में सुनील और रामरति को जेल भेज दिया.