सरिता विशेष

दुनिया के अलगअलग कोने में बैठे लोगों के दिलों के तार जोड़ने वाली ये सोशल नैटवर्किंग साइट्स कई बार दिल जोड़ने के साथसाथ दिल तोड़ने और किसी बड़ी मुसीबत का सबब भी बन जाती हैं. इसलिए ध्यान दें कि कहीं कोई आप को अपने प्रेमजाल या फिर प्यार की लुभावनी बातों में तो नहीं फंसा रहा है. सच तो यह है कि इन सोशल नैटवर्किंग साइट्स की दोस्ती बुरी नहीं है, लेकिन असली जिंदगी की तरह यहां भी सावधानी बरतने की जरूरत है. दरअसल, फेसबुक जैसी साइट्स पर दोस्त बनाने के चक्कर में लोग बिना सोचेसमझे फ्रैंड रिक्वैस्ट एक्सैप्ट कर लेते हैं. यहीं से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो जाती है. यह दोस्ती कब प्यार में बदल जाती है पता ही नहीं चलता और इस दौरान लोग अपनी तसवीरों से ले कर निजी राय भी शेयर कर बैठते हैं, जो कई बार खतरनाक साबित होता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है इसलिए ऐसे लोगों से चौकस रहने की जरूरत है. आइए, जानें कैसे सावधानी बरत कर हम इन साइट्स का बेहतर लाभ उठा सकते हैं :

प्रेम में जरा संभल कर

ब्लाइंड ट्रस्ट न करें : विश्वास करना बुरी बात नहीं है. आखिर विश्वास से ही तो रिश्ते गहरे बनते हैं. लेकिन वह विश्वास इतना अंधा भी नहीं होना चाहिए कि आप हर चीज को जानतेबूझते इग्नोर करें. अगर साथी की किसी बात पर कोई शक हो रहा है तो उसे इग्नोर न करें बल्कि शक की तह तक जाएं और अच्छी तरह जांचपरख लें. कई बार शक बिलकुल सही निकलता है इसलिए आंखें खोल कर रिश्ते को आगे बढ़ाएं.

– मिलने की जल्दबाजी दिखाने वालों से सतर्क रहें.

– आप की पर्सनल जानकारी चाहने वालों से सतर्क रहें.

किसी को राजदार बनाएं : अपने इस सोशल मीडिया पर बने बौयफ्रैंड को सिर्फ अपने तक ही सीमित न रखें, बल्कि अपनी किसी खास दोस्त, बहन या अन्य किसी से इस बारे में डिस्कस जरूर करें. खासकर जब आप उस से फर्स्ट मीटिंग की प्लानिंग कर रही हों, ताकि वे आप को सही सलाह दे सकें, क्योंकि कई बार हम भावनाओं में इतना बह जाते हैं कि सहीगलत का अंदाजा नहीं लगा पाते. ऐसे में सच्चा दोस्त ही सही राह दिखाता है और खतरे में फंसने से बचाता भी है. इसलिए अपनी बातें किसी एक से शेयर जरूर करें.

प्रेमी को बुलाएं खुद न जाएं : अगर प्रेमी मिलने की बात करता है और आप को अपने शहर बुलाता है तो उसे साफ मना कर दें कि मैं कहीं नहीं जाऊंगी, बल्कि प्रेमी को अपने शहर बुलाएं. किसी दूसरे शहर जा कर युवक से मिलना न आप के लिए सुविधाजनक होगा और न ही सेफ. दूसरे शहर में कई तरह की परेशानियां होती हैं. ये सब बातें अपने बौयफ्रैंड को समझाएं और उसे अपने शहर आने के लिए कहें.

पब्लिक प्लेस में ही मिलें : यदि वह आप के ही शहर का है और मिलने के लिए किसी सुनसान जगह या फिर अपने दोस्त आदि के फ्लैट पर बुला रहा है तो इस के लिए उसे मना कर दें और कहें कि मैं पब्लिक प्लेस पर ही ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करती हूं और खुल कर बातचीत कर सकती हूं. आप अपनी बात पर कायम रहेंगी तो उसे आप की बात माननी पड़ेगी. आप अकसर जिस रैस्टोरैंट और एरिया में जाती हैं उसे मिलने के लिए वहीं बुलाएं या फिर भीड़भाड़ वाले स्थान जैसे मौल आदि में मिलें और अपने किसी करीबी को साथ ले कर जाएं, अकेले कभी न मिलें.

प्रेम और आकर्षण में फर्क समझें : आप अपना मन अच्छी तरह टटोल लें कि क्या आप उस युवक को प्यार करती हैं या सिर्फ यह एक आकर्षण मात्र है, हो सकता है कि फेसबुक या अन्य किसी सोशल साइट के जरिए जानपहचान होने के बाद आप ने एकदूसरे से बातचीत की हो और आप दोनों को चैटिंग करते हुए वक्त बिताना अच्छा लगता हो और फिर इस तरह की बातचीत का क्या भरोसा कि उस ने आप से कितना सच बोला. अगर यह वास्तव में एकदूसरे के प्रति आकर्षण है तो इस का भूत कुछ दिन में ही उतर जाएगा और फिर उस से प्रेम संबंध बनाने का कोई फायदा नहीं. इसलिए पहले यह समझ लें कि आप उस से वाकई प्रेम करती हैं और सीरियसली उस के बारे में सोच रही हैं या सिर्फ टाइम पास कर रही हैं. कहीं ऐसा न हो कि वह तो सीरियस हो जाए और फिर आप उस से पीछा छुड़ाना भी चाहें तो वह न छोड़े.

फिजिकल न हों : अगर उस औनलाइन फ्रैंड से आप का मिलनाजुलना हो गया है तो हमेशा अपनी एक सीमा में रहें. यदि साथी फिजिकल होने की कोशिश करता है या ऐसी कोई डिमांड रखता है तो आप भावनाओं में बह कर गलत कदम न उठाएं और न ही ऐसा सोचें कि यदि साथी नाराज हो गया तो फिर क्या होगा. एक बात हमेशा याद रखें कि अगर वह युवक सही है तो आप के एक बार मना करने पर आप की बात जरूर समझेगा और अपनी मर्यादा में रहेगा, क्योंकि आप एकदूसरे के साथ अगर पूरी लाइफ बिताने की प्लानिंग भी कर रहे हैं तो कुछ समय इंतजार तो किया ही जा सकता है. यदि ऐसा नहीं है तो फिर दोस्त के साथ ऐसा कर के प्रैगनैंसी आदि की मुसीबत मोल न लें.

अपने पर्सनल फोटो शेयर न करें : यदि साथी आप से डिमांड कर रहा है कि आप उसे अपने कुछ न्यूड फोटोज भेजें या फिर कोई स्पैशल ड्रैस पहन कर फोटो भेजने की बात करता है तो ऐसा कतई न करें. यह सेफ नहीं है. आप द्वारा भेजी गई तसवीरों का वह गलत इस्तेमाल भी कर सकता है. सिर्फ अपने ही नहीं बल्कि अपनी फैमिली मैंबर्स के फोटो भी शेयर करने से बचें. अपने परिवार की इन्फौर्मेशन किसी अनजान को देना उचित नहीं है.

नौनवेज चैट न करें : साथी से क्लोज होने का मतलब यह नहीं कि जो मन में आएं बातें करें. आप एकदूसरे के सामने बैठ कर नहीं बल्कि नैट के जरिए चैटिंग कर रहे हैं और आजकल टैक्नोलौजी इतनी आगे निकल चुकी है कि आप की चैट किसी दूसरे द्वारा पढ़ना कोई मुश्किल नहीं है. वैसे भी यह सब लिखित में होगा तो क्यों ऐसी गलती की जाए जिस से बाद में खुद को ही प्रौब्लम हो.

इस बात का भी क्या भरोसा कि आज आप का अपने प्रेमी से जैसा रिश्ता है, कुछ समय बाद भी वैसा ही रहेगा. अगर यह रिश्ता ज्यादा न चल पाया या मनमुटाव हो गया और चिढ़ कर साथी ने आप के मेल आप के फ्रैंड्स या फैमिली मैंबर्स को भेज दिए या फिर उन का गलत इस्तेमाल किया तो फिर शर्मिंदगी आप को ही झेलना पड़ेगी, इसलिए ऐसा कोई काम न करें जिस का लिखित में कोई प्रमाण हो.

गिफ्ट का पेमैंट करने से मना कर दें: अगर साथी दूसरे शहर या विदेश से आप के लिए कोई महंगा गिफ्ट भेजता है और कहता है कि वह कस्टम में फंस गया है इसलिए आप कुछ पैसे दे कर उसे रिसीव कर लें तो ऐसा कतई न करें. अकसर मीडिया में इस तरह की खबरें आती रहती हैं जब साथी ने इस तरह बेवकूफ बना कर हजारोंलाखों लूट लिए. इसलिए समझदारी इसी में है कि ऐसे किसी चक्कर में न पड़ें. साथी को साफ कह दें कि आप के पास इतने पैसे नहीं हैं. आप को कुछ नहीं चाहिए और इस का पेमैंट वह अपने किसी दोस्त से करवा कर तब आप के पास भेजे.

गलती बरदाश्त न करें : यदि साथी की कुछ बातें आप को नापसंद हैं, कभीकभी वह अपनी बेतुकी हरकतों और बातों से आप को टौर्चर करता है या फिर कई बार उस का व्यवहार असामान्य सा लगता है, तो उसे बिलकुल भी इग्नोर न करें बल्कि उस से खुल कर बात करें और साफसाफ बता दें कि आप गलत बात किसी भी कीमत पर बरदाश्त नहीं करेंगी. अगर वह आप से कुछ ऐसा करने को कहता है जो आप के उसूलों के खिलाफ है तो उस के दबाव में न आएं, बल्कि उसे स्पष्ट रूप से मना कर दें.

सरिता विशेष

युवक के घर वालों से मिलें : अगर आप उस युवक से शादी के लिए सीरियस हैं, तो उस के घर वालों और छोटे बहनभाइयों से मिलें. संभव हो तो उस के घर भी जाएं. इस से आप को पता चल जाएगा कि वह फैमिली वाला है या नहीं. इस से उस की सीरियसनैस भी पता चलेगी और आप को रिश्ते को आगे बढ़ाने का एक पुल भी मिल जाएगा.

शादी की बात पर परिवार वालों को बीच में लाएं

अगर आप दोनों शादी की बात सोच रहे हैं तो स्थिति चाहे जो भी हो आप भाग कर या मंदिर आदि में शादी कतई न करें बल्कि इस के लिए अपने और उस के घर वालों के सामने बात करें. अगर वह युवक सही है तो आप के घर वाले भी मान ही जाएंगे, इसलिए उन से छिपा कर ऐसा कोई काम न करें जो आप के लिए अच्छा न हो. वे आप के मातापिता हैं और जो कहेंगे, सोचेंगे वह आप के भले के लिए ही होगा.

क्या खतरे हैं

–       दिल टूट सकता है.

–       रेप हो सकता है.

–       जान भी खतरे में पड़ सकती है.

–       बदनामी का डर रहता है.

–       ब्लैकमेलिंग का खतरा रहेगा.

खतरे से कैसे बचें

प्रोफाइल देख कर फैसला न करें : अकसर लोग मैट्रिमोनियल साइट पर मौजूद प्रोफाइल और तसवीर को देख कर ही फैसला कर लेते हैं, पर कई बार तो लोग अपना प्रोफाइल प्रभावी बनाने के लिए गलत जानकारियां भी डाल देते हैं. ऐसे में सिर्फ प्रोफाइल देख कर चैटिंग करतेकरते प्यार के जाल में फंस कर मिलने का फैसला न करें.

सर्चिंग का फंडा अपनाएं : अगर किसी का प्रोफाइल पसंद आ भी जाए तो उस से तुरंत संपर्क करने के बजाय पहले ट्विटर, फेसबुक आदि के जरिए उस के बारे में जानकारी हासिल करें. गूगल के 4-5 पेज पीछे तक जा कर सर्च करें. इस से साथी के अतीत के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी. उस की फ्रैंडलिस्ट में जा कर उस के दोस्तों से भी बातचीत करें. इस से पता चल जाएगा कि वह कैसा व्यक्ति है जिस के साथ आप इतना आगे बढ़ना चाहती हैं.

रिलेशनशिप में जल्दबाजी न करें : हर मैट्रिमोनियल साइट पर संभावित साथी में दिलचस्पी दिखाने और संपर्क स्थापित करने का विकल्प होता है. पहले सिर्फ उस में दिलचस्पी का विकल्प चुनें. फिर दूसरे पक्ष से गंभीर जवाब मिलने के बाद ही संपर्क स्थापित करें.

चैट करें संभल कर : अगर किसी साथी से बातचीत करना आप को बहुत अच्छा लगने लगा है और आप के मन में प्यार की  पींगें बढ़ने लगी हैं तो भी चैट संभल कर करें.

पर्सनल इन्फौर्मेशन पर्सनल ही रखें : फेसबुक, गूगल प्लस इत्यादि सोशल मीडिया वैबसाइट्स की सिक्योरिटी सैटिंग्स में जा कर देख लें कि आप की कौनकौन सी जानकारियां सार्वजनिक हो रही हैं. आप उन सैटिंग्स को बदल कर उन्हें नियंत्रित कर सकती हैं.

सोशल मीडिया पर बने दोस्त की जांचपड़ताल करें

–       फ्रैंड की फ्रैंड लिस्ट में जा कर एक बार उस के दोस्तों को जरूर चैक करें. इस से थोड़ा आइडिया हो जाएगा कि उस के दोस्त किस तरह के हैं.

–       असली फ्रैंड्स खुल कर बात करते हैं और अगर आप के फ्रैंड के अकाउंट पर विदेशी दोस्तों की भरमार है तो यह फेक भी हो सकते हैं.

–       रियल अकाउंट की फ्रैंडलिस्ट में फैमिली और औफिस के लोग भी जरूर होते हैं. फेक और रियल में अंतर समझें

–       रिक्वैस्ट भेजने वाले से पूछें कि वह आप का फ्रैंड क्यों बनना चाहता है और उसे आप का प्रोफाइल कैसे मिला?

–       प्रोफाइल पर जा कर कौमन फ्रैंड या फिर फौलोवर्स देखें. अगर कोई कौमन फ्रैंड है तो उस से जानकारी लें.

–       प्रोफाइल अच्छी तरह पढ़ें और जानकारियों के आपसी संबंध की जांच करें.

–       प्रोफाइल फोटो सेव कर गूगल पर इमेज सर्च करने की कोशिश करें कि क्या यह वास्तविक फोटो है या किसी दूसरे की तसवीर यूज की गई है.

–       फेसबुक पर रियल फोटो शेयर न करने वाले अकसर शक के दायरे में रहते हैं, क्योंकि उन के फेक होने के चांस ज्यादा होते हैं.

– रिक्वैस्ट भेजने वाले की फ्रैंडलिस्ट चैक करें. अगर संख्या ज्यादा है और उस में प्रोफाइल के मुताबिक दोस्त नहीं हैं तो रिक्वैस्ट एक्सैप्ट न करें.

–       वाल चैक करें कि रिक्वैस्ट भेजने वाला किस तरह की पोस्ट डालता है. अश्लील या संदिग्ध पोस्ट होने पर इसे ब्लौक कर दें.

–       कई लोग एकसाथ फेक अकाउंट भी चलाते हैं और देखने पर यह दोस्तों का ग्रुप लगता है, जबकि यह एक ही व्यक्ति होता है. ऐसे ग्रुप से बचें.

अनफ्रैंड करने में देर न करें

–       अगर आप को अपने साथी पर जरा सा भी शक है तो प्यार में भावुक हो कर फैसला न करें, बल्कि प्रैक्टिकल हो कर सोचें और फेसबुक पर बने उस फ्रैंड को तुरंत अनफ्रैंड कर दें.

–       दूर बैठा फेक दोस्त आप की फ्रैंडलिस्ट में मौजूद रह कर अन्य लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है

फर्जी प्रोफाइल का पता ऐसे लगाएं

सोशल साइट्स पर अपनी पहचान छिपाने या गलत पहचान शो करने के चलते इसराईल की एक कंपनी ने ऐसा सौफ्टवेयर तैयार किया है, जो फेसबुक पर फर्जी अकाउंट पहचानने में मदद करेगा. ‘फेकऔफ’ नाम के इस ऐप द्वारा आप उन फर्जी प्रोफाइल्स का पता लगा सकते हैं जिन्हें आप ने अपने औनलाइन फ्रैंड्स समझ कर ऐड कर लिया था.

सोशल मीडिया के जरिए हुए प्रेम में अपराध

 

–       16 अक्तूबर, 2015 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की एक युवती की कुछ माह पहले फेसबुक पर एक युवक से दोस्ती हुई थी. आरोपी युवक ने अपना नाम और खुद को ब्रिटेन का रहने वाला बताया. उस ने युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी की बात की.

इस के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई. कुछ माह बाद उस ने युवती को बताया कि विदेश से उस ने एक बहुत महंगा गिफ्ट युवती के लिए भेजा था जो दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम वालों ने रोक लिया है. कस्टम ड्यूटी देने के बाद गिफ्ट उसे मिल जाएगा. इस के बाद आरोपी ने युवती को एक बैंक खाता दिया और उस में रुपए जमा करा लिए. भोलीभाली युवती आरोपी के झांसे में आ गई और उस ने उस खाते में रुपए भी जमा करा दिए. इस तरह आरोपी ने युवती से गिफ्ट के बहाने कई बार में करीब 3 लाख 45 हजार रुपए ऐंठे.

–       18 अक्तूबर, 2015 को लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में एक और नाइजीरियन के खिलाफ ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. गोमतीनगर और सीतापुर में रहने वाली 2 महिलाओं को एक नाइजीरियन ने अपने प्रेमजाल में फंसाया और खुद को कई फैक्ट्रियों का मालिक बताया. उस ने इन महिलाओं से करीब 20 लाख रुपए की ठगी की. शिकायत पर साइबर सैल की टीम ने आरोपी को दबोचने के लिए टीम बनाई.

–       18 अक्तूबर, 2015 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक व्यापारी की पुत्री को झांसी के प्रदीप पोरवाल उर्फ शंकर ने अपने प्रेमजाल में फंसाया. फेसबुक पर लगातार हो रही बातचीत के चलते दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और शारीरिक संबंध भी बन गए. इस दौरान शंकर ने उस का अश्लील वीडियो बना लिया. शंकर ने अपनी मां की बीमारी का हवाला दे कर उस से साढ़े 3 लाख रुपए ऐंठ लिए. इस के बाद भी वह लगातार पैसे की डिमांड करता रहा.

जब युवती ने और पैसे देने से इनकार कर दिया तो उस ने युवती को धमकी दी कि वह उस की सारी तसवीरें लोगों को दिखा देगा. साइबर टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शंकर को हिरासत में ले लिया. पूछताछ के दौरान जांच में उस के लैपटौप से 15 अन्य लड़कियों की तसवीरें और फोन नंबर मिले.

–       फरवरी, 2014 को मुंबई की एक युवती कासगंज के एक फेसबुक फ्रैंड के जाल में ऐसी फंसी कि वैलेंटाइन डे पर सबकुछ छोड़ कर के उस के पास चली आई. स्टेशन पहुंची तो प्रेमी के चेहरे का दीदार हुआ. उस के चेहरे के पीछे दूसरा चेहरा छिपा था. युवती का अपहरण कर लिया गया. युवक ने युवती का फोन कब्जे में ले कर उस में दूसरी सिम डाल कर युवती के भाई को फिरौती के लिए फोन कर दिया. बाद में मुंबई पुलिस ने छापा मार कर युवती को मुक्त कराया.