इसे सहारा प्रमुख सुब्रत राय की प्रेरणा ही कहा जाएगा कि 9 हजार करोड़ रुपए डकार कर लंदन चला गया और लिकर किंग विजय माल्या सुप्रीम कोर्ट में यह डील पेश कर चुका है कि 9 हजार करोड़ नहीं, 6,868 करोड़ रुपए लौटाऊंगा. सुब्रत राय रुपयों के मोह में जेल में रहना पसंद कर रहा है. हर पेशी पर अदालत उस पर खीझती है कि पैसे लौटाओ तो जवाब मिलता है कि लौटा दूंगा पर पहले बाहर तो जाने दो. इस बेशर्मी के आगे हथियार डाल चुकी अदालत उस के वकील कपिल सिब्बल को भी फटकार लगा चुकी है.

अब विजय माल्या भी इसी राह चलते यह जताने की कोशिश कर रहा है कि उस के दिल में बेईमानी नहीं है, बेईमान तो वे बैंक हैं जो कर्ज को बढ़ाचढ़ा कर बता रहे हैं. दरअसल, पैसा हड़पने की इन दोनों की अपनी अलग स्टाइल थी पर थी तो बेईमानी ही जिस के बाबत अब परचून की दुकान की तरह अदालत में सौदेबाजी की जा रही है. कभी गिरफ्तार हो कर जेल गया, तो तय है माल्या भी सुब्रत की तरह अडि़यल टट्टू की तरह पेश आएगा.