मेरे पति 2 भाई हैं. ससुराल वाले देवर को ज्यादा प्यार करते हैं. इन्हें सिर्फ पैसे के लिए पूछते हैं. पति की सारी तनख्वाह घर में खर्च हो जाती है, बचत बिलकुल नहीं हो पाती, बच्चा भी है. पति समझते नहीं, मैं क्या करूं?
अगर पति को घर के खर्च उठा कर खुशी मिल रही है और वे अपने परिवार के लिए कुछ कर के खुश हैं तो आप खर्चों को ले कर परेशान न हों. आप संयुक्त परिवार के उन फायदों का अनुमान नहीं लगा पा रही हैं जो आप को परिवार के साथ रह कर हो रहे हैं.
अगर आप परिवार से अलग जा कर रहेंगी तो न केवल खर्चे और अधिक बढ़ जाएंगे, बच्चे की अच्छी परवरिश, जो संयुक्त परिवार में हो रही है, उस से भी वंचित रह जाएंगी. साथ ही, पति को परिवार से अलग करने की नाराजगी भी आप को सहनी पड़ेगी. इसलिए व्यर्थ की बातों में ध्यान न लगा कर पति के सुख और संयुक्त परिवार के फायदों
को देखें.

मैं एक व्यक्ति से बहुत प्यार करती हूं. उन्हें जान से ज्यादा चाहती हूं. वे भी मुझे चाहते हैं. मेरी समस्या यह है कि वे अपनी मरजी से फोन करते हैं. मैं फोन करती हूं तो नाराज हो जाते हैं. मैं ने उन्हें भुलाने की बहुत कोशिश की पर भुला नहीं पाई. मैं जहर खा कर उन की जिंदगी से हमेशा के लिए चली जाना चाहती हूं, क्योंकि मुझे लगता है, मैं उन के बिना जी नहीं पाऊंगी. आप ही बताइए, मैं क्या करूं?
अगर आप उन्हें प्यार करती हैं और वे भी आप को प्यार करते हैं तो समस्या कहां है. रही मरजी से फोन करने की बात, तो हो सकता है जब आप फोन करती हों वे अति व्यस्त हों, इसलिए नाराज हो जाते हों. जब वे फ्री होते हैं तो खुद आप को फोन करते ही हैं. प्यार में छोटीछोटी बातों को ले कर परेशान न हों और एकदूसरे के साथ एंजौय करें.

मैं दीदी के देवर से बहुत प्यार करती हूं. दीदी ने मम्मीपापा से कह दिया कि देवर का किसी और लड़की के साथ रिश्ता है, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है. अब मम्मीपापा मेरा रिश्ता कहीं और तय कर रहे हैं. हम दोनों एकदूसरे से बहुत प्यार करते हैं. डर के मारे मैं मम्मीपापा को भी कुछ नहीं कह पा रही हूं. मैं ऐसा क्या करूं कि मेरा प्यार भी मुझे मिल जाए और मम्मीपापा भी गुस्सा न हों?
अधिकांश पारिवारिक कार्यक्रमों में लड़कियों को अपनी दीदी के देवर से बारबार मिलना होता है. हर लड़की को दीदी के देवर से प्यार का आभास होता है जबकि वास्तव में वह प्यार ही हो, ऐसा जरूरी नहीं. आप सोचिए, आप की दीदी आप के बारे में गलत क्यों सोचेंगी? दीदी की बातों को अनदेखा न करें. हो सकता है उन के देवर का सचमुच किसी और लड़की से रिश्ता हो और वे नहीं चाहती हों कि आप की जिंदगी बरबाद हो. इसलिए तथ्यों को अनदेखा न करें और भावनाओं में बह कर कोई गलत कदम न उठाएं.

मैं विवाहित महिला हूं. मेरे 2 बच्चे हैं. पति पिछले 9 साल से विदेश में हैं. इसी बीच मुझे एक अविवाहित लड़के से प्यार हो गया. पहले उस ने मुझ से वादा किया था कि वह पूरी जिंदगी मेरे साथ रहेगा पर अब वह कहीं और शादी करना चाहता है. उस से अलग होने का खयाल मुझे इस कदर परेशान कर रहा है कि मैं अपने बच्चों की ओर भी ध्यान नहीं दे पा रही हूं. उस ने मेरे साथ बेवफाई की है, मेरी जगह वह किसी और को कैसे दे सकता है? मैं बहुत परेशान हूं.
पति की इतनी लंबी अनुपस्थिति में किसी अन्य पुरुष की तरफ लगाव हो जाना स्वाभाविक है. आप ने जिस लड़के से प्यार किया, अच्छा समय बिताया, अब वह किसी और से शादी करना चाहता है तो इस में गलत क्या है? क्या आप विवाहित नहीं हैं, क्या आप ने पति के साथ बेवफाई नहीं की है?
आप उस लड़के को दोष क्यों दे रही हैं, आप सिर्फ इस बात में खुश रहिए कि उस लड़के ने पति की अनुपस्थिति में आप का साथ दिया. इस से और अधिक की उम्मीद रखना आप की बेवकूफी होगी. हां, अपने इस रिश्ते को ले कर अपने मन में कोई अपराध भाव न रखें और आगे के जीवन व घरपरिवार के बारे में सोचें. इस बारे में सभी बातें गुप्त रखें और मोबाइल पर फोटो, कौंटैक्ट डिटेल न रखें.

मैं फरीदाबाद में संयुक्त परिवार में रहती हूं. हमारा दिल्ली में भी एक घर है और घर वाले चाहते हैं कि हम वहां चले जाएं. पर मेरे पति इस बात के लिए तैयार नहीं हैं. उन का कहना है कि दिल्ली में रहने व शिक्षा का खर्च फरीदाबाद से ज्यादा है. दरअसल, हमारा बेटा अभी 8वीं कक्षा में है और उस की शिक्षा व भविष्य के बारे में सोचते हुए भी मेरे पति दिल्ली जाने को तैयार नहीं हैं. पति की नौकरी भी शिफ्ट वाली है. समझ नहीं आ रहा क्या करूं?

पति अगर परिवार से अलग नहीं होना चाहते और परिवार वाले चाहते हैं कि आप दिल्ली चले जाएं तो इस में कहीं न कहीं समस्या आप के व ससुराल वालों के बीच है. आप देखें कि कहीं ससुराल वालों को आप से कोई परेशानी तो नहीं. हो सकता है आप का ससुराल वालों के प्रति व्यवहार या रहने का रंगढंग, उन्हें न भा रहा हो और इसीलिए वे चाहते हों कि आप दिल्ली शिफ्ट हो जाएं. पति के न चाहते हुए दिल्ली जाना आप के लिए परेशानी का सबब बन सकता है, इसलिए खुद को परिवार वालों के हिसाब से ढालें.
वैसे भी अगर पति की नौकरी शिफ्ट वाली है तो नए शहर में अकेले रहना, बच्चे की परवरिश अकेले करना आप की समस्याओं को बढ़ा सकता है. सो पति अगर दिल्ली नहीं जाना चाहते तो उन्हें मजबूर न करें, वरना आप के व पति के रिश्ते में भी परेशानियां बढ़ सकती हैं.