मैं 35 वर्षीय विवाहित पुरुष हूं. मैं पत्नी की एक आदत से बड़ा परेशान हूं. वह रात को उठ कर बारबार गैस की नौब चैक करती रहती है कि गैस ठीक से बंद है या नहीं. ऐसा वह अनचाही दुर्घटना के डर से करती है. उस की इस आदत से उस की नींद पूरी नहीं हो पाती और वह परेशान रहती है. मुझे समझ नहीं आता मैं उस की इस परेशानी और डर को कैसे दूर करूं?
आप की पत्नी की समस्या ओसीडी यानी औब्सैसिव कंपलसिव डिसऔर्डर की है. यह एक मानसिक समस्या है जो शंका व डर के कारण होती है. इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति में बारबार हाथ धोने, दरवाजा बंद है या नहीं जैसे अन्य कई लक्षण होते हैं. जब यह आदत किसी की दैनिक जिंदगी को प्रभावित करने लगे तो समझ जाइए कि आप को इलाज की जरूरत है. अपनी पत्नी की इस समस्या के समाधान के लिए आप किसी मनोचिकित्सक से मिलें और इस दौरान पत्नी से किसी तरह की नकारात्मक बात न करें और न ही उस की इस आदत की आलोचना करें व मजाक बनाएं.
मैं 40 वर्षीय विवाहित महिला हूं. मेरी 5 और 11 वर्ष की 2 बेटियां हैं. कुछ दिनों से मेरी बड़ी बेटी अपनी छोटी बहन से बहुत लड़नेझगड़ने लगी है. लड़ते वक्त वह कहती है कि मम्मीपापा तुझ से ज्यादा प्यार करते हैं, तू ही मम्मीपापा की लाडली है. ऐसा कह कर वह रोने लगती है. मुझे समझ नहीं आता वह ऐसा क्यों करती है. मैं चाहती हूं दोनों बेटियां आपस में प्यार से रहें. पता नहीं उस के मन में यह कैसे घर कर गया है कि हम अपनी छोटी बेटी से ज्यादा प्यार करते हैं. मैं उस की इस सोच को कैसे दूर करूं?
आप की समस्या ज्यादातर परिवारों में देखी जाती है. इसे ‘सिबलिंग राइवैलरी’ कहा जाता है जहां एक बच्चे को हमेशा लगता है कि मम्मीपापा उसे ज्यादा प्यार करते हैं, खासकर बड़े बच्चे को, क्योंकि बड़े को हमेशा जिम्मेदार होने के लिए कहा जाता है, अपनी सभी चीजें छोटे भाईबहनों से बांटने के लिए कहा जाता है.
आप की बड़ी बेटी को 6 साल तक आप का इकलौता प्यारदुलार मिला है. ऐसे में आप का बंटता प्यार उस के मन में छोटी बहन के प्रति दुर्भावना को जन्म दे रहा है. और वह उस से लड़नेझगड़ने लगी है. आप अपनी बड़ी बेटी को प्यार से अपने पास बिठाएं और समझाएं. साथ ही, अच्छा या बुरा काम करने पर दोनों बेटियों के लिए एकजैसे ही नियम बनाएं ताकि उस के मन से यह भावना मिट सके कि आप छोटी बेटी को ज्यादा प्यार करती हैं.
मैं 28 वर्षीय युवती हूं. अपने ही कालेज के एक लड़के से 3 साल की दोस्ती और प्यार के बाद मैं ने उस से शादी कर ली. लेकिन जब से हमारी शादी हुई है, मेरे पति का व्यवहार बदल गया है. वे मुझे पहले जैसा प्यार नहीं करते, पहले की तरह नाराज हो जाने पर मनाते नहीं. मुझे विश्वास नहीं होता कि क्या यह वही मेरा प्यार है. मुझे लगता है जैसे मेरे सारे सपने टूट गए हैं. मैं क्या करूं?
आप शायद अभी भी सपनों की दुनिया में हैं. आप यह भूल रही हैं कि तब आप प्रेमीप्रेमिका थे, आज पतिपत्नी हैं. तब आप कभीकभार मिलते थे, एकदूसरे को खुश रखने की भरपूर कोशिश करते थे. आज आप के पति की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं. ऐसे में आप का यह अपेक्षा करना कि वे पहले की तरह प्रेमी जैसा व्यवहार करेंगे, गलत है.
आप ही सोचिए, क्या आप का व्यवहार पत्नी जैसा नहीं हो गया है. हालांकि अगर आप चाहें तो, अभी भी अपने पति के दिल में अपनी कोशिशों द्वारा थोड़े से बचे समय में भी प्यार व मनुहार से वही पुराना प्रेमी पा सकती हैं. इस के लिए आप को बस अपने व्यवहार में तबदीली करनी होगी.
मैं एक सामान्य शक्ल की 28 वर्षीय युवती हूं. मेरी हाल ही में सगाई हुई है. मेरे होने वाले पति अत्यंत स्मार्ट हैं. मैं डरती हूं कि कहीं मेरी सामान्य शक्ल की वजह से हमारे वैवाहिक जीवन में कोई समस्या तो नहीं आएगी. वैसे मैं एक प्राइवेट स्कूल में टीचर की नौकरी करती हूं. मेरे आसपास के सभी लोग मुझे बहुत चाहते हैं. मैं अपनी शंका का समाधान कैसे करूं?
आप के मन में ऐसा खयाल आना स्वाभाविक है. कई बार जब एक पार्टनर अधिक स्मार्ट व खूबसूरत होता है तो दूसरे का आत्मविश्वास डगमगा जाता है. लेकिन आप इसे सकारात्मक नजरिए से देखें और स्वयं को ग्रूम करें. अपनी ड्रैसिंग सैंस, अपने हेयरस्टाइल व चालढाल से अपने अंदर आत्मविश्वास लाएं. साथ ही, विवाह के बाद अपने व्यवहार व गुणों से पति का दिल जीतें. वैसे भी आप के होने वाले पार्टनर ने आप के अंदर छिपी काबिलीयत को देख कर ही आप को पसंद किया होगा. इसलिए अपने मन से हर शंका को निकाल दें.
मैं अपने 8 वर्षीय बेटे को ले कर बहुत परेशान हूं. वह जब देखो, टीवी पर कार्टून चैनल्स देखता रहता है. एक ही एपिसोड को कईकई बार देखता है. इस शौक के चक्कर में वह खानापीना और अपना होमवर्क तक करना भूल जाता है. मैं चाहती हूं कि वह पढ़ाई पर ध्यान दे. लेकिन वह कुछ समझता ही नहीं. मैं क्या करूं?
आप को अपने बच्चे के भविष्य के लिए थोड़ा अनुशासित होना पड़ेगा. आप अपने बेटे को कार्टून चैनल देखने दें लेकिन उस का समय निश्चित कर दें. अगर वह पढ़ने में आनाकानी करता है तो टीवी पर कार्टून चैनल पर चाइल्ड लौक लगा दें. जब वह चैनल आएगा ही नहीं तो वह कुछ नहीं कर पाएगा. उसे आउटडोर एक्टिविटीज में शामिल करें, उसे किताबें ला कर दें. जब उस का इन सब में मन लगेगा तो धीरेधीरे टीवी से उस का ध्यान भी हट जाएगा. –