मैं 16 वर्षीय 10वीं कक्षा की छात्रा हूं. कुछ दिन पहले फेसबुक पर एक लड़के, जो मुझ से 7 साल बड़ा है, की फ्रैंड रिक्वैस्ट आई जिसे मैं ने स्वीकार कर लिया. फिर हमारी मैसेंजर पर चैटिंग होने लगी. इस के बाद हम दोनों ने वाट्सऐप पर एकदूसरे से नंबर शेयर किए और वहां भी हम एकदूसरे से जुड़ गए. बातचीत के दौरान वह हमेशा मेरी खूबसूरती की तारीफ करता रहता है और आमनेसामने मिलने पर जोर देता है. मैं हर बार कोई न कोई बहाना बना कर टाल जाती हूं. कुछ दिनों पहले जब उस ने मिलने के लिए ज्यादा जोर दिया तो मैं अपने एक दोस्त के साथ उस से मिलने गई. वहां हमारी बिलकुल भी बात नहीं हुई लेकिन उसी रात उस ने मुझ से फिर से मिलने के बारे में कहा तो मैं ने उसे कोई जवाब नहीं दिया. समस्या यह है कि वह मुझ से हमेशा किसी शांत जगह पर, जहां कोई मेरे साथ न हो, मिलने की बात करता है. मैं बहुत परेशान हूं, मुझे समझ नहीं आता कि उस की मंशा क्या है और इस स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए, कृपया सलाह दें.

सोशल नैटवर्किंग साइट्स पर दोस्ती करने का सिलसिला आज का नया फैशन है जहां हर उम्र के युवकयुवती एकदूसरे से मिलते हैं और क्षणिक आकर्षण के चलते इसे दोस्ती का नाम देते हैं. शुरूशुरू में बातचीत का यह सिलसिला अच्छा लगता है लेकिन यह सिलसिला कब खतरनाक अपराध का रूप इख्तियार कर ले, कोई नहीं कह सकता. जहां तक आप की समस्या की बात है वह लड़का आप से अकेले में ही मिलने पर जोर दे रहा है, इस का अर्थ है कि उस के इरादे नेक नहीं हैं. उस के दिमाग में कोई खुराफात चल रही है. आप उस से अकेले में हरगिज न मिलें. किसी को भी बिना जांचेपरखे उस से दोस्ती करना व मिलनाजुलना आप को मुसीबत में डाल सकता है. यह उम्र आप की पढ़लिख कर कैरियर पर ध्यान देने की है. सोशल नैटवर्किंग साइट्स पर दोस्ती व चैटिंग का यह सिलसिला आप को मुसीबत में डाल सकता है, इसलिए जितना हो सके, इस से बचें.

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मैं 17 वर्षीय युवक हूं. समस्या यह है कि मैं क्रौस ड्रैसिंग करता हूं और जितनी भी कोशिश करूं, इस समस्या से उबर नहीं पाता हूं. मैं जानता हूं, यह सामान्य है पर लोगों की प्रतिक्रिया देख कर अच्छा नहीं लगता. मेरी मदद कीजिए.

माना यह जाता है कि जिस तरह अपोजिट सैक्स एकदूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह दोनों सैक्स एकदूसरे के परिधानों के प्रति भी आकर्षित होते हैं. कभीकभी यह आकर्षण इतना अधिक बढ़ जाता है कि व्यक्ति अपोजिट सैक्स के परिधानों को ही अंतिम रूप से चुन लेता है. ऐसा करने वाले कुछ लोग अमूमन हार्मोनल असंतुलन के कारण लड़कियों के परिधानों की ओर आकर्षित होते हैं तो कुछ सिर्फ स्टाइलिंग या खुद को औरों से अलग दिखाने के लिए ऐसा करते हैं. दूसरे प्रकार के लोग किसी भी तरह स्त्रियोचित नहीं होते. इन के साथ कोई हार्मोनल समस्या नहीं होती. वे ऐसा सिर्फ अपोजिट सैक्स के प्रति आकर्षण के कारण ही करते हैं. जबकि कुछ लोगों में जैंडर डिस्फोरिया की समस्या होती है यानी स्त्री देह में पुरुष मन या पुरुष देह में स्त्री मन. यह जैविक, प्राकृतिक त्रुटि के अलावा हार्मोनल बदलाव का नतीजा होता है. आप किस कारण क्रौसड्रैसिंग करते हैं, इस का निर्धारण एक मनोचिकित्सक और सैक्सोलौजिस्ट ही बता सकता है. आप लोगों की प्रतिक्रिया पर ध्यान न दें और शीघ्र किसी मनोचिकित्सक या सैक्सोलौजिस्ट से संपर्क करें.

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मेरा 26 वर्षीय पुत्र मिरगी रोग से पीडि़त है. कुछ दिनों पहले उस का विवाह हुआ है और उस की पत्नी भी मिरगी रोग से पीडि़त है. मैं यह जानना चाहता हूं कि भविष्य में मेरे बेटेबहू की जो संतान होगी, क्या वह भी मिरगी रोग से पीडि़त होगी? अगर हां, तो क्या इस से बचने का उपाय है? उचित सलाह दें.

अगर मातापिता दोनों ऐपिलेप्सी यानी मिरगी रोग से पीडि़त हों तो बच्चे में इस के होने की संभावना होती है लेकिन यह जरूरी नहीं कि ऐसा हो ही. अगर मातापिता में इस रोग का कारण जन्मजात हो तो इस की संभावना अधिक होती है जबकि यदि उन में रोग का कारण एक्वायर्ड या स्ट्रक्चरल हो तो यह संभावना कम होती है. ऐपिलेप्सी रोग से पीडि़त दंपती जब भी मातापिता बनने का निर्णय लें, ध्यान रखें कि वे समयसमय पर डाक्टर से संपर्क करते रहें और अपनी दवाएं नियमित रूप से लें क्योंकि गर्भावस्था में मिरगी के दौरे पड़ने की संभावना अधिक हो जाती है और इस का दुष्प्रभाव होने वाले बच्चे पर हो सकता है.

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मैं 45 वर्षीय महिला हूं. पति के साथ सैक्स संबंध सामान्य हैं लेकिन मेरी समस्या यह है कि सैक्स करते समय वैजाइना ड्राई रहती है जिस से मैं सैक्स संबंधों को पूरी तरह एंजौय नहीं कर पाती. मूड स्ंिवग होता है, कभी चिड़चिड़ापन तो कभी रोने का मन करता है. कहीं ये मेनोपोज या प्रीमेनोपोज के लक्षण तो नहीं? मैं बहुत परेशान रहती हूं, क्या करूं?

आप की बातों से लग रहा है कि आप प्रीमेनोपोजल स्टेज में हैं जहां ये लक्षण सामान्य हैं. प्रीमेनोपोज में इन लक्षणों से उबरने के लिए आप किसी गाइनीकोलौजिस्ट से मिलें, अपनी वर्तमान अवस्था को ले कर मन में किसी प्रकार का अपराधभाव न पालें.