मैं 28 वर्षीय अविवाहित युवक हूं. 8 साल से सेना में कार्यरत हूं. मेरी समस्या यह है कि 2 साल पहले फेसबुक पर मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई जो मेरे ही शहर की है पर उस ने मुझे अपना पता कहीं और का बताया था. वह लड़की तलाकशुदा है और उस का एक 5 साल का बेटा है. यह बात भी उस ने मुझ से छिपाई. मैं ने जब इस बारे में उस से पूछा तो वह बोली, ‘‘मैं आप को बताने ही वाली थी.’’ वह कहती है कि वह मुझ से बहुत प्यार करती है और मेरे अलावा किसी और से शादी नहीं करेगी. मेरे घर वालों को इस बारे में कुछ पता नहीं है और वे मेरी शादी कहीं और करना चाहते हैं. मैं उस लड़की से प्यार तो करता हूं पर उस के बच्चे को अपनाने से हिचकता हूं. मुझे क्या करना चाहिए, सलाह दीजिए.

फेसबुक पर बनने वाले ऐसे रिश्तों के सचझूठ का पता लगाना अत्यंत कठिन होता है. जो दिखता है वह होता नहीं है और जो होता है वह दिखता नहीं है. यहां लोग बड़ी आसानी से अपनी व्यक्तिगत जानकारी छिपा सकते हैं. आप के केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ है. वह तो अच्छा है कि आप को अब सच पता है. जहां तक लड़की से विवाह का सवाल है, आप सब से पहले अपना मन पक्का कीजिए. जब आप खुद उस के बेटे को अपनाने से हिचक रहे हैं तो अपने परिवार वालों से इस बारे में कैसे बात करेंगे. आप उस युवती से मिलें और उस के बेटे से भी मिलें. यदि आप को लगे कि आप दोनों को जीवनभर निभा सकते हैं तो बात आगे ले जाएं. जहां अभी से हिचक हो, वहां नापतौल कर निर्णय लेना चाहिए.

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मैं विवाहित महिला हूं. विवाह को अभी 4 महीने हुए हैं. समस्या यह है कि मेरी सास मुझे हर समय कुछ न कुछ बोलती रहती हैं. हर छोटीछोटी बात में मेरी खिंचाई करती हैं. हर समय वह ‘बेटाबेटा’ करती रहती हैं. मेरे पति उन के इकलौते बेटे हैं. समझ में नहीं आता, क्या करूं? नईनई शादी है, कुछ गलत न हो जाए, डरती हूं. कृपया सही सलाह दीजिए.

सास आप की खिंचाई करती हैं, यह स्वाभाविक है. वर्षों तक बेटे पर रखे एकाधिकार को आप से बांटना नहीं चाहती हैं वे. ऐसा हर घर में होता है. आप इस में आनंद ढूंढ़ें. आप स्वयं उन का बेटा बन जाएं. उन पर निर्भर बनें. स्वतंत्र बनने की कोशिश न करें. आप के पति मां को चाहते हैं तो आप भी उन्हें चाहने लगेंगी. उन्हें प्रतिद्वंद्वी न समझें, सहयोगी समझें. धैर्य से काम लें और अपने व्यवहार द्वारा उन का दिल जीतने का प्रयास करें.

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मैं 42 वर्षीय विवाहित महिला हूं. समस्या यह है कि पति अपने काम में व्यस्त रहते हैं और मैं अकेलेपन से परेशान हूं. वे मुझे समय नहीं देते. समझ नहीं आता क्या करूं?

आप की परेशानी का कारण आप का खाली बैठना ही है. इसलिए आप का ध्यान इस ओर जाता है कि पति आप पर ध्यान नहीं देते. अगर आप स्वयं को कहीं व्यस्त कर लेंगी तो आप की शिकायत दूर हो जाएगी. आप अपनी रुचि के अनुसार कुकिंग, सिलाई, बुनाई, कढ़ाई या बच्चों को पढ़ाने में खुद को व्यस्त कीजिए. इस से आप का ध्यान बंटेगा और साथ ही, आप का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा व आप की अकेलेपन की शिकायत भी दूर हो जाएगी.

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मैं 30 वर्षीय विवाहित महिला हूं. विवाह को 11 वर्ष हो गए हैं. 2 बेटे हैं. 3 साल पहले तक सब ठीक चल रहा था. लेकिन 3 साल पहले मुझे पता चला कि मेरे पति ने किसी लड़की के साथ संबंध बनाए हुए हैं. हमारी लव मैरिज है, इस के बावजूद मेरे पति मेरे साथ ऐसा कर रहे हैं. यह सोच कर बहुत दुख होता है. मैं जब भी इस बारे में उन से बात करती हूं, वे मेरी बात पर ध्यान नहीं देते, इग्नोर करते हैं. लगता है जैसे उन्हें मेरी जरूरत ही नहीं है. उस लड़की के चक्कर में मुझे मारते भी हैं. सब बहुत समझा चुके हैं पर उन्हें समझ नहीं आता. मैं अपना बिखरता घर देख कर बहुत परेशान हूं. मैं अपने टूटते रिश्ते को कैसे बचाऊं, सलाह दीजिए.

क्या आप के पास कोई सुबूत है कि उस लड़की के साथ आप के पति के संबंध हैं? क्या आप ने कभी उन्हें रंगेहाथों पकड़ा है? शक की बिना पर कोई निर्णय मत लीजिए. क्या पता यह आप का वहम हो और आप के बारबार उन पर दोषारोपण करने से उन्हें आप पर क्रोध आता हो और वे आप के साथ मारपीट करते हों और आप को इग्नोर करते हों. और अगर यह सच हो तो सोचें कि आप को नुकसान क्या है. हर बात में पति पर टौंट कसने से या उन से झगड़ा करने से फायदा नहीं. उस लड़की को दोस्त बना कर देखें. शायद जीवन ज्यादा अच्छा हो जाए.

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मैं 30 वर्षीया तलाकशुदा, 6 वर्षीय बेटे की मां हूं. एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हूं. मेरी समस्या यह है कि मेरे मातापिता मेरे दोबारा विवाह के लिए मुझ पर जोर डाल रहे हैं लेकिन मैं डरती हूं कि कहीं मेरा दूसरा विवाह पहले की तरह असफल न हो जाए. इस के अलावा क्या मेरे होने वाले पति मेरे बेटे को पूरे मन से अपनाएंगे?

जरूरी नहीं कि किसी रिश्ते में पहली बार असफलता हासिल हुई हो तो दूसरी बार भी ऐसा ही होगा. समाज में ऐसे अनेक प्रसिद्ध जोड़े हैं जिन्होंने दूसरी बार विवाह किया है और उन का वैवाहिक जीवन पूरी तरह सफल है. और जहां तक आप के भावी पति द्वारा आप के बेटे को अपनाने की बात है आज पुरुषों की सोच बदल रही है, और वे अपनी होने वाली पत्नी के बच्चे को भी दिल से स्वीकारते हैं. अभी आप के सामने पूरी जिंदगी है, इसलिए मनचाहा  साथी मिलने पर विवाह करने में कोई बुराई नहीं है. हां, जो रिश्ता मातापिता सुझाएं, उस व्यक्ति से कई बार खुल कर मिलें और कई बार तो अपने बेटे को साथ ले जाएं. यदि आप के बेटे और उस व्यक्ति में ठीक संबंध पैदा हो जाएं तो ही विवाह करें. विवाह हो जाए, तो ही अच्छा है.