गैरभाजपाई राज्यों के मुख्यमंत्रियों का दुख शायद ही कोई समझ सके जिन्हें अपने राज्य से ज्यादा इस बात की चिंता रहती है कि पीएम नरेंद्र मोदी क्या और क्यों कर रहे हैं. नीतीश कुमार के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऐसी दूसरी मुख्यमंत्री हैं जिन्हें यह लगने लगा है कि सब कुछ गलत हो रहा है इसलिए उन्हें वहां होना चाहिए.

एक फौजी की खुदकुशी के बाद अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी की दिखावटी गिरफ्तारी पर भी ममता भड़की थीं और 1000-500 के नोटों के प्रतिबंध पर भी उन्हें गुस्सा आया कि मोदी मनमानी कर रहे हैं. अब हालत यह है कि ममता को मोदी की हर बात पर गुस्सा आने लगा है तो इस की वजह कमजोर पड़ती कांग्रेस है जिस का उन के पास कोई इलाज नहीं, इसलिए हालफिलहाल कुछ और नहीं तो दिल्ली में होने जैसी फीलिंग तो फील की ही जा सकती है. इस से अभ्यास भी होता है और लक्ष्य भी याद आता रहता है.

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