सरिता विशेष

सपा और बसपा के बाद उत्तर प्रदेश में अब भाजपा को ही अपनी तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा पेश करना बाकी रह गया है. जनता चूंकि अब चाहने लगी है कि पहले पार्टियां सीएम बताएं, फिर वह तय करेगी कि इसे वोट दिया जाए या नहीं. अब कोई भी पार्टी (कांग्रेस छोड़) पहले की तरह यह कहने की स्थिति में नहीं है कि सीएम विधायक दल तय करेगा या फिर आलाकमान जैसा कहेगा वैसा किया जाएगा.

यों उत्तर प्रदेश में भाजपा के पास कई चेहरे हैं. इलाहाबाद कार्यकारिणी मीटिंग में पोस्टर बांट कर वरुण गांधी के समर्थकों ने दावेदारी जता दी है. यह एक ऐसा युवा नाम है जिस पर ‘न’ कहने की कोई वजह भाजपा के पास नहीं है. अब राजनाथ सिंह को तैयार रहने को कहा जा रहा है. वरुण का गुनाह इतना भर है कि वे गांधी-नेहरू परिवार से ताल्लुक रखते हैं.