जो उतर जाए या खत्म हो जाए वह कम से कम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का तो गुस्सा हो ही नहीं सकता जो नोटबंदी के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खार खाए बैठी हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने क्रोधप्रदर्शन का नवीनीकरण कराती ममता ने फिर मोदी की तुलना ऐतिहासिक फिल्मी किरदार ‘शोले’ फिल्म के खलनायक डाकू गब्बर सिंह से कर डाली कि वे उस की तरह डराने के काम आते हैं.

हिटलर मुसोलिनी और स्टालिन जैसे नामों के मुकाबले गब्बर आम जनमानस के ज्यादा नजदीक है, इसलिए लोगों को ममता की मंशा जल्द समझ आती है. सियासी रामगढ़ यानी दिल्ली जा कर क्या अखिलेश यादव और राहुल गांधी ममता के लिए जय और वीरू की तरह ठांयठांय कर पाएंगे, इस बाबत 11 मार्च का दिन अहम साबित  होगा.