सरिता विशेष
अलगअलग स्वाद वाली मेवा बाइट लोगों को इतनी पसंद आ रही है कि अब इस की बिक्री हर मौसम में होती है. सेहत के लिए कोई नुकसानदायक नहीं, बस खाएं तो बारबार खाने को मन चाहे. आइए, ऐसी लाजवाब मेवा बाइट के बारे में कुछ और जानें.
 
अंतर्राष्ट्रीय खानपान बाजार में ज्यादातर देशों की चीजें मिलती हैं. ये चीजें एकदूसरे देशों को निर्यात की जाती हैं. इस में दुबई का खजूर, जौर्डन का बकलावा, अमेरिका और इंगलैंड के बेकरी प्रोडक्ट्स प्रमुख हैं. भारत में ऐसी चीज की कमी खल रही थी जो विदेशों में निर्यात के हिसाब से बेहतर हो. मेवा बाइट के प्रचलन में आने के बाद यह कमी पूरी हो गई है. इंडियन स्वीट्स के चाहने वाले मेवा बाइट को विदेशों में मंगा रहे हैं. मेवा बाइट की शुरुआत लखनऊ से हुई. छप्पन भोग स्वीट शौप ने 2007 में सैंट फ्रांसिस्को के फैंसी फूड शो में पहली बार इस मिठाई को विदेशी बाजार में उतारा था. वहां इस को जिस ने भी चखा, पसंद किया. खानपान कारोबार पर नजर रखने वालों ने उसी समय राय दी थी कि यह सब से टेस्टी स्वीट हो सकती है.
मेवा बाइट का क्रेज
इस के बाद मेवा बाइट का क्रेज बढ़ने लगा. देशी बाजार में भी धीरेधीरे लोगों ने इस को पसंद करना शुरू किया. 5 साल के अंदर ही उत्तर भारत की सभी मिठाई शौप्स में मेवा बाइट बिकने लगी. जब मेवा बाइट बाजार में नहीं थी तो ज्यादातर लोग मिठाई उपहार में देने के लिए काजू बरफी, पतीसा और सोहन पापड़ी जैसी चीजों का प्रयोग करते थे. ये सभी बहुत साधारण किस्म की दिखती थीं. किसी को उपहार देने के लिहाज से ज्यादा अच्छी नहीं लगती थीं. इसी वजह से मिठाई की जगह पर लोगों ने उपहार देने के लिए ड्राई फ्रूट्स और चौकलेट का प्रयोग करना शुरू किया. इन की पैकिंग रंगबिरंगी होती थी. ऐसे में ये लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती थीं. चौकलेट की तर्ज पर ही मेवा बाइट बनाने की पहल शुरू हुई. खाने में यह मेवा और मिठाई दोनों का स्वाद देती है.  
चौकलेट की तरह इस में ज्यादा मात्रा में चीनी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. इस से यह सेहत के हिसाब से भी बेहतर होती है. मेवा बाइट में चौकलेट जैसी कैलोरी नहीं होती जिस से लोगों के मोटे होने का खतरा कम होता है.  
मेवा बाइट खाने वाली श्वेता मिश्रा कहती है कि पहले वह चौकलेट खाती थी लेकिन जब से मेवा बाइट खाया है तब से उसे चौकलेट का स्वाद अच्छा नहीं लगता. 
रवींद्र गुप्ता कहते हैं, ‘‘पहले मेवा बाइट केवल फैस्टिवल सीजन में ही बिकती थी. अब इस की बिक्री हर मौसम में होती है. मेवा बाइट अब पूरे विश्व में देश की पहचान बन गई है. विदेशों में रहने वाले लोग इस को खूब पसंद कर रहे हैं. वे इसे कोरियर से भी मंगवा रहे हैं. 
मेवा बाइट में ऐसा कुछ भी नहीं होता जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो. इस वजह से इस को पसंद करने वालों की तादाद दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है. यह 900 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिकनी शुरू होती है. गिफ्ट पैकिंग में इस की कीमत बढ़ जाती है.