सरिता विशेष

होली में गुझिया का महत्व सबसे अलग ही होता है. बिना गुझिया के होली का त्योहार पूरा नहीं होता है. बाजार में बिकने वाली दूसरी तमाम मिठाईयों के मुकाबले गुझिया सस्ती मिलती है. इसलिये गुझिया को दूसरी मिठाईयों से कमतर आंका जाता था. अब हालात बदल गये है. होली में गुझिया के महत्व को देखते हुये सोने के वर्क वाली गुझिया बाजार में बिकने पंहुच गई है. इसकी कीमत बाजार में 42 हजार रूपये किलो से लेकर 47 हजार रूपये किलो तक है. गोल्डन कलर की यह गुझिया 5-5 हजार के छोटे गिट पैक में भी मिलती है. एक गिफ्ट पैक में सोने के वर्क वाली 6 गुझिया होती है. इन गुझिया को को कोरियर द्वारा विदेशों तक भी भेजा जा सकता है.

मधुरिमा स्वीट्स के मालिक मनीष गुप्ता कहते है ‘सोने के वर्क से तैयार गुझिया की सबसे बडी खासियत यह है कि यह चिलगोजा, स्वर्ण भस्म, पिस्ता और दूसरी तमाम चीजों से मिलाकर तैयार की जाती है. तैयार गुझिया में उपर से स्वर्ण वर्क चढाया जा सकता है. इसकी दूसरी खासियत है कि यह बिना फ्रिज के भी एक माह तक सुरक्षित रखी जा सकती है.’ गुझिया को डेकोरेटड गिफ्ट पैक में देने का रिवाज चल रहा है. यह देखने में आकर्षक लगती है. गुझिया को डेकोरेटड गिफ्ट पैक में देखकर पाने वाला भी खुश हो जाता है. छीका जैसा गिफ्ट पैक भी खूब चल रहा है. छीका को अलगअलग रंगों में रंगा जाता है. इसकी कीमत 300 रूपये से लेकर 500 रूपये तक हो सकती है. गुझिया के साथ ही साथ इसमें ड्राईफ्रूट्स भी रखे जाते है. आकर्षक गिफ्ट पैक में गुझिया का रंग और भी निखर जाता है.