30-35 साल तक नौकरी या बिजनेस करने के बाद भी अधिकांश लोगों के पास रिटायरमेंट के बाद पैसा नहीं होता. कारण यह है कि आमतौर पर हम अपने करियर के शुरुआती सालों में सेविंग और इनवेस्टमेंट पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं. फाइनेंशियल प्लानिंग के नजरिए से देखें तो इससे हम आसान सेविंग के सुनहरे साल खो देते हैं. रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग उसी वक्त शुरू कर देनी चाहिए, जब आप कमाना शुरू करते हैं. चलिए आज हम आपको बता रहे हैं पांच ऐसे रूल जिनका पालन कर आप अपने रिटायरमेंट के लिए करोड़ों रुपए का फंड बना सकते हैं.

इनकम का 10 फीसदी जरूर बचाएं

रिटायरमेंट प्लानिंग का पहला रूल है कि आप अपनी मासिक इनकम का 10 फीसदी जरूरी बचाएं. अगर आप नौकरी करते हैं तो आपके प्रोविडेंट फंड में इतनी रकम जाती है. आज आपको यह रकम थोड़ी लग सकती है लेकिन लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की पावर इसे बड़ी रकम में तब्दील कर देगी. अगर आप नौकरी नहीं करते हैं और बिजनेस करते हैं तो आप अपनी इनकम का 10 फीसदी लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड में लगा सकते हैं.

पीएफ फंड से बीच में न निकालें पैसा

आप जब भी नौकरी बदलते हैं तो आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग दांव पर होती है. इस समय आपके पास पीएफ निकालने या पीएफ ट्रांसफर कराने का विकल्प होता है. ऐसे में कई बार लोग तात्कालिक जरूरतों के लिए पीएफ निकाल लेते हैं. ऐसा करना अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को दांव पर लगाना होता है. अगर कोई आपात स्थिति न हो तो पीएफ निकालने से बचना चाहिए.

आय बढ़ने के साथ निवेश बढ़ाएं

लोग इनकम बढ़ने के साथ अपने निवेश में इजाफा करना जरूरी नहीं समझते. लेकिन ऐसा करना जरूरी है. आप अपनी इनकम में हुई बढ़ोतरी के मुताबिक हर साल अगर अपना निवेश बढ़ाते हैं तो आप बढ़ती हुई महंगाई से अपने फंड को सुरक्षित रखेंगे और रिटायरमेंट के लिए एक बड़ी रकम भी बचा सकेंगे.

बुरे समय के लिए इमरजेंसी फंड बनाएं

अगर आप चाहते हैं कि आपकी रिटायरमेंट की प्लानिंग पर कोई आंच न आए तो आप एक इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं. इमरजेंसी फंड आपकी मासिक आय का पांच गुना तक होना चाहिए. अगर शौर्ट नोटिस पर आपकी नौकरी चली जाती है तो कुछ महीने के लिए आप आसानी से अपने खर्चे को मैनेज कर सकते हैं और आपकी रिटायमेंट प्लानिंग पर भी इसका खास असर नहीं होगा.

बच्चों की शिक्षा के लिए लें लोन

माता-पिता अपने बच्चों की एजुकेशन के लिए खास तौर पर सेविंग करते हैं. इससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग प्रभावित होती है. आजकल बैंक आसानी से एजुकेशन लोन देते हैं. ऐसे में आप बच्चों की एजुकेशन के लिए लोन ले सकते हैं. इससे आपकी रिटायरमेंट सेविंग में कोई बाधा नहीं आएगी.

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