सरिता विशेष

आपको ऐसा देखने को मिला होगा कि दो लोग एक ही औफिस में काम करते हैं और एक समान सैलरी पाते हैं, लेकिन उनमें से एक आरामदायक जिंदगी जी रहा है जबकि दूसरा आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है. ऐसा क्यों? ऐसा उनके आर्थिक फैसलों में अंतर होने के कारण होता है. इसलिए आर्थिक आजादी हासिल करने और तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए सही समय पर सही आर्थिक फैसले लेना बहुत जरूरी है. आर्थिक आजादी हासिल करने और एक सुखी जीवन जीने के पांच तरीकों पर नजर डालते हैं…

आर्थिक आजादी हासिल करने के लिए अपने आर्थिक उद्देश्यों के अनुसार निवेश करना जरूरी है. कुछ लोगों की यह गलत धारणा है कि एक बार में एकमुश्त निवेश करना काफी है और उन्हें दोबारा निवेश करने की जरूरत नहीं है. जो गलत है. निवेश करना और अपने निवेश की देखरेख करते रहने की एक निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए. आपके आर्थिक उद्देश्य आपकी जिंदगी के हर नए पड़ाव के साथ बदल सकते हैं. 20 साल की उम्र में आपकी जो प्राथमिकताएं थीं, वे 30 या 40 साल की उम्र की प्राथमिकताओं से अलग हो सकती हैं.

मसलन, जब आप 20 साल के होते हैं उस समय आपके जोखिम उठाने की भूख काफी अधिक हो सकती है और इसलिए आप अधिक रिटर्न की उम्मीद के साथ निवेश कर सकते हैं. लेकिन उम्र बढ़ने पर आपके जोखिम उठाने की भूख कम हो जाती है और इस तरह आपके रिटर्न की उम्मीद भी कम हो जाती है. इसलिए, रिटायर होने की उम्र तक पहुंचने पर आप कम जोखिम और कम रिटर्न वाले किसी इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट में निवेश करना पसंद कर सकते हैं. इसलिए यदि आप आर्थिक आजादी पाना चाहते हैं तो अपनी जिंदगी के हर पड़ाव में निवेश करने की कोशिश करें और सही निवेश प्रोडक्ट चुनने के लिए अपने आर्थिक उद्देश्यों पर फोकस करें.

समझदारी के साथ उधार लें

जब आप किसी काम के लिए पैसे उधार लेते हैं तो उधार की शर्तों के अनुसार उसे चुकाना आपका कानूनी, आर्थिक और नैतिक कर्तव्य है. आर्थिक दृष्टि से अनुशासनहीन व्यक्ति अंधाधुंध उधार लेता है, उसे समय पर चुका नहीं पाता है. ऐसे में सिर्फ अपने क्रेडिट स्कोर को ही नहीं, बल्कि अपनी आर्थिक सेहत को भी नुकसान पहुंचाता है. उधार काफी सोच-समझकर और अच्छी तरह प्लानिंग करके ही लेना चाहिए और सिर्फ तभी लेना चाहिए जब आपके पास कोई जरूरी चीज खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे न हों. एक सही प्लान की मदद से आप अपने अन्य आर्थिक मामलों के साथ ईएमआई के बोझ को आसानी से बैलेंस कर सकते हैं और आराम से कर्ज चुका सकते हैं. आर्थिक आजादी की दृष्टि से खास तौर पर किसी ऐसी चीज के लिए उधार लेना चाहिए जिसकी कीमत बढ़ने की उम्मीद हो. कोई प्रोपर्टी खरीदने के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए होम लोन लेने पर विचार करें.

विभिन्न जोखिमों के लिए इंश्योरेंस लें

जब आप जोखिम रहित जीवन जीते हैं तो आर्थिक आजादी अपने आप मिल जाती है. अचानक अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, आंशिक या सम्पूर्ण विकलांगता, परिवार में कमाने वाले एकमात्र सदस्य की मौत आदि किसी व्यक्ति के जीवन में कभी भी अचानक आ जानेवाले खतरे हैं. इस तरह के जोखिम से सामना होने पर आपकी सारी बचत और सारा निवेश समाप्त हो सकता है. इस तरह के जोखिम से सुरक्षित रहने के लिए उपयुक्त इंश्योरेंस कवर लेना जरूरी है तभी आप टेंशन फ्री रह सकते हैं. आपको अपनी आर्थिक आजादी के साथ-साथ अपने परिवार के लोगों की आर्थिक आजादी को सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, एक्सीडेंटल इंश्योरेंस और कोई अन्य संबंधित प्रोटेक्शन लेकर रखना चाहिए.

पर्याप्त इमर्जेंसी फंड का इंतजाम करें

कामकाजी जीवन के दौरान आप यह कभी जान नहीं पाते हैं कि आपको भविष्य में कठिन परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ सकता है, जैसे नौकरी छूटना या अचानक एक बड़ी रकम की जरूरत पड़ना. जब ऐसी कठिन परिस्थिति में आपके पास पैसे नहीं होते हैं तो आपके पास दोस्तों और रिश्तेदारों से पैसे उधार लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह जाता है. इस तरह आपको अपनी आर्थिक आजादी से हाथ धोना पड़ सकता है. इस तरह की परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप एक पर्याप्त इमर्जेंसी फंड तैयार करके रखें, जिससे आपको आर्थिक संकट की घड़ी में पर्याप्त आर्थिक मदद मिल सके. आप एक एफडी में या एक लिक्विड म्यूच्यूअल फंड में थोड़े-थोड़े पैसे निवेश करके या ज्यादा इंट्रेस्ट देने वाले सेविंग्स अकाउंट में पैसे डालकर इस तरह का फंड तैयार कर सकते हैं ताकि इमरजेंसी में आप जल्दी से पैसों का इंतजाम कर सके.

समझदारी के साथ अपने टैक्स को मैनेज करें

आप जितना ज्यादा कमाएंगे, आपको उतना ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है. लेकिन, आप समझदारी के साथ अपने टैक्स को मैनेज करके काफी पैसे बचा सकते हैं. आप इनकम टैक्स अधिनियम की उपयुक्त धाराओं के तहत पैसे निवेश करके डिडक्शन का फायदा उठाते हुए काफी टैक्स बचा सकते हैं. धारा 80C, 80D, 80CCD, 80E आम तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कुछ ऐसी धाराएं हैं जो टैक्स डिडक्शन की सुविधा प्रदान करती हैं. लंबे समय में एक बड़ी रकम तैयार करने के लिए अपने टैक्स को मैनेज करना बहुत जरूरी है. एक समान इनकम करने वाले दो लोगों में से जो अपने टैक्स को सही तरीके से मैनेज करता है, वह ज्यादा पैसे बचा पाएगा और ज्यादा बड़ी रकम तैयार कर पाएगा.