सरिता विशेष

मोदी सरकार लगातार कालेधन और टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कस रही है. अगर आप किराया देते हैं तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की आप पर नजर हो सकती है. आपने आईटी डिपर्टमेंट के निर्देशों को पालन नहीं किया तो आपके खिलाफ कारवाई भी संभव है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किरायेदारों को किराया भरने और उससे जुड़ी टैक्स भरने की जिम्मेदारी को लेकर कुछ निर्देश दिए हैं. इन्हें अनदेखा करना कुछ लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर मकान मालिक को किराया देने और उस पर टीडीएस वसूलने को लेकर एक विज्ञापन जारी किया है, जिसमें साफ लिखा है कि अगर इस विज्ञापन को अनदेखा किया गया, तो इनकम टैक्स विभाग कार्रवाई कर सकता है.

इनकम टैक्ट विभाग की यह सूचना उन किरायेदारों के लिए है, जो हर महीने 50 हजार रुपए या उससे ज्यादा किराया भरते हैं. विभाग ने कहा है कि ऐसे लोग अपने मकान मालिक को जब किराया दें, तो वह टीडीएस काटने के बाद ही दें. विभाग ने कहा है कि ये लोग जब भी मकान मालिक को किराया सौंपें, तो उन्हें 5 फीसदी टीडीएस काटने के बाद ही किराया दें.

किराये में से काटे गए टीडीएस को किरायेदार को इनकम टैक्स विभाग के पास जमा करना होगा. यह टीडीएस TIN-NSDL.com पर जमा किया जा सकता है.

यहां आपको मकान मालिक के पैन नंबर की जानकारी देनी है और फार्म नंबर 26QC भरना होगा. इसमें सारी डिटेल्स एंटर कर आप टीडीएस जमा कर सकेंगे. यहां आपको अपनी पैन डिटेल देने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

यहां फार्म भरने के बाद आपको tdscpc.gov.in पर जाकर 16C फार्म को अपलोड करना होगा. यह फार्म आपके सर्टिफिकेट के तौर पर काम करेगा.

इनकम टैक्स विभाग ने साफ किया है कि अगर आप ऐसा नहीं करते और टैक्स विभाग की जांच में आपका नाम सामने आता है, तो आप पर इनकम टैक्स की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है.