सरिता विशेष

बैंकों में औनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. आएदिन लोग इस के शिकार हो रहे हैं. बैंक अधिकारी बन कर फोन से एटीएम कार्ड की जानकारी ले कर खाते से पैसे उड़ाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं जबकि इस दिशा में जनजागृति अभियान भी चल रहे हैं. इस के अलावा क्रैडिट या एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किसी अन्य के लिए इस्तेमाल करना अब भी आसान नहीं है लेकिन इस का दुरुपयोग नहीं हो तथा इसे ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके, इस के लिए इसे औन और औफ करने की टैक्नोलौजी विकसित की जा रही है. इस का मतलब है कि जब आप को एटीएम का इस्तेमाल करना है तो आप एटीएम का कोड डाल कर उसे औन कर दो और पैसा निकालने के बाद औफ कर लो.

यह तकनीक मोबाइल ऐप के जरिए ग्राहक को औनलाइन लेनदेन की सुविधा प्रदान करेगा. यह सुविधा दिए जाने से एटीएम या कै्रडिट कार्ड खो जाने पर कोई अन्य व्यक्ति उस का दुरुपयोग नहीं कर सकेगा. औनलाइन फ्रौड बड़े स्तर पर हो रहे हैं, इसीलिए इस तकनीक की जरूरत थी और यह संभव हो गया है.

एक आंकड़े के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर तक क्रैडिट और डैबिट कार्ड धोखाधड़ी में 25 हजार 800 मामले सामने आए. धोखाधड़ी के इन मामलों के जरिए बैंकों से लोगों  का करीब 179 करोड़ रुपए लूटा गया है. सब से बड़ी दिक्कत एटीएम की है जिस की सूचना फोन पर मांग कर बड़ी धोखाधड़ी हो रही है. कम पढ़ेलिखे लोग इन धोखेबाजों के चंगुल में फंस जाते हैं और अपने खूनपसीने की कमाई दो मिनट में लुटा बैठते हैं. इस ऐप के सामने आने से उम्मीद है कि गरीब अब लुटेगा नहीं.