सरिता विशेष

गांव, कस्बों और शहरों में पोर्टेबल पेट्रोल पंपों से पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री जल्दी ही शुरू होने की उम्मीद है. देश में जल्दी ही पोर्टेबल पेट्रोल पंपों का निर्माण शुरू हो जाएगा. एलिंज पोर्टेबल पेट्रोल पंप्स ने कहा है कि उसने देश में 1600 करोड़ रुपये के निवेश से चार निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए चेक कंपनी पेट्रोकार्ड से समझौता किया है. दूरदराज के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वालों के लिए पोर्टेबल पेट्रोल पंप वरदान साबित हो सकते हैं.

एलिंज के मैनेजिंग डायरेक्टर इंदरजीत प्रुति ने संवाददाताओं को बताया कि भारत में पोर्टेबल पेट्रोल पंप अभी तक चालू नहीं हुए हैं. देश में जल्दी ही पोर्टेबल पेट्रोल पंप नजर आएंगे, जिन पर कोई कर्मचारी नहीं होगा. वहां खरीदार डिजिटल पेमेंट करके अपने वाहन में फ्यूल खरीद सकेगा. पेट्रोलियम व नेचुरल गैस मंत्रालय ने दस अगस्त को इसकी मंजूरी दी है. इंदरजीत प्रुति ने कहा कि भारत में इसका बाजार तेजी से विकसित होगा. हमने अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर चेक फर्म पेट्रोकार्ड से समझौता किया है. हमने बाजार, राज्यों और आयल मार्केटिंग कंपनियों की दिलचस्पी और सहयोग के आधार पर 1600 करोड़ रुपये के निवेश से चार इकाइयां स्थापित करने की योजना बनाई है. इन इकाइयों में पोर्टेबल पेट्रोल पंप मशीनों का निर्माण किया जाएगा. इन पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल और केरोसिन उपलब्ध होगा और लोग ई-वॉलेट जैसे कैशलेस मोड से भुगतान करके फ्यूल खरीद सकेंगे.

आमतौर पर किसी पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए काफी जमीन की जरूरत होती है जबकि पोर्टेबल पंप सिर्फ 400 मीटर जमीन पर स्थापित किया जा सकेगा. प्रुति के अनुसार लोगों के लिए यह अच्छा कारोबारी अवसर भी है. पोर्टेबल पेट्रोल पंप 90 लाख से 1.20 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित हो जाएगा. बैंक इसमें 80 फीसद तक कर्ज देने के लिए इच्छुक हैं. राज्यों के अधिकारियों और आयल मार्केटिंग कंपनियों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य जल्दी ही आयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ मिलकर टेंडर आमंत्रित करेंगे. जिसे टेंडर मिलेगा, वह पोर्टेबल पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए पात्र होगा. एलिंज आवंटन पाने वाले लोगों के लिए पेट्रोल पंप स्थापित करेगी. वह 9000 लीटर से 30000 लीटर तक का पंप स्थापित करेगी.