अगर आप पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहक हैं तो आपके लिए बुरी खबर है. अब आपको एटीएम से महीने में पांच से अधिक बार पैसे निकालने या किसी अन्य उद्देश्य से इस्तेमाल करने पर पैसे देने होंगे. यह नियम अक्टूबर महीने से लागू होगा.

वर्तमान में ग्राहकों को पीएनबी के एटीएम से महीने में कितने भी वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनेदेन करने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है. हालांकि नया नियम लागू होने के बाद से यह सुविधा समाप्त हो जाएगी.

पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों को जारी नोटिस में कहा, “पीएनबी एटीएम से पीएनबी ग्राहकों के लिए मुफ्त लेन देन की संख्या और मुफ्त लेनदेन से अधिक लेनदेन पर शुल्क संशोधित किए गए हैं.1 अक्टूबर 2017 से संशोधित शुल्क लागू होंगे.”

बैंक ने कहा कि बचत, चालू या ओवरड्राफ्ट खाता धारकों पर महीने में पांच बार से अधिक लेन देन करने पर 10 रुपये प्रति लेनदेन के हिसाब से शुल्क लगेगा. भले ही पीएनबी कार्ड धारक केवल पीएनबी एटीएम पर ही लेन देन करे.

इस प्रकार, ग्राहकों को मुफ्त सीमा से अधिक वित्तीय लेन देन (एटीएम से पैसे निकालने) और गैर वित्तीय लेन देन (मिनी स्टेटमेंट निकालने) करने पर शुल्क देना होगा. हालांकि बैंक ने कहा कि शेष राशि पूछताछ, निधि स्थानांतरण या ग्रीन पिन आवेदन जैसे गैर वित्तीय लेन देन के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा.

गौरतलब है कि पिछले माह पीएनबी के ग्राहकों को बैंक की दूसरी शाखा में 5,000 रुपये से अधिक नकद जमा करने पर शुल्क का भुगतान करने का नियम बदलकर झटका दिया था. यह नियम सितंबर से लागू हो गया है. अगर ब्रांच उसी शहर में स्थित में है तो भी उन्हें शुल्क देना होगा. इससे पहले पीएनबी ग्राहकों को शहर के अंदर दूसरी शाखा में 25,000 रुपये से अधिक जमा करने पर ही शुल्क देना होता है.

आपको बता दें कि अगस्त 2014 में आरबीआई ने बैंक ग्राहकों के लिए एटीएम ट्रांजेक्शन पर कुछ नियम बदले थे. अपने बैंक के एटीएम से ट्रांजेक्शन के संदर्भ में आरबीआई ने बैंकों को सलाह दी थी कि बचत खाताधारकों को हर माह कम से कम पांच मुफ्त ट्रांजेक्शन की सुविधा दी जाए. इसके ऊपर बैंक ग्राहकों पर अपने बैंक एटीएम के उपयोग लिए शुल्क लगा सकते हैं.

अन्य बैंक एटीएम से ट्रांजेक्शनों के लिए छह महानगरों में बैंकों को मुफ्त ट्रांजेक्शन की संख्या पांच से घटाकर तीन करने की अनुमति मिली थी. अन्य स्थानों पर दूसरे बैंकों के एटीएम से मुफ्त ट्रांजेक्शन की अधिकतम संख्या में बदलाव नहीं किया गया था.

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