देश में औनलाइन भुगतान सेवा उपलब्ध कराने की सुविधा देने वाली सब से बड़ी सेवाप्रदाता फर्म पेटीएम अपनी सेवाओं में सुधार के लिए 1,000 स्टार्टअप कंपनियों को मदद प्रदान करेगी. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शंकर शर्मा का कहना है कि अपने स्तर पर कंपनी जितनी बेहतर सुविधा दे सकती है उसे स्थापित कर चुकी है. लेकिन उन्हें लगता है कि भुगतान प्रणाली को और बेहतर बनाने व इस के विस्तार के लिए उन्हें बाहरी मदद की जरूरत है.

इस के लिए कंपनी सिलिकौन वैली की कंपनी आईबीएम, फेसबुक तथा माइक्रोसौफ्ट की तर्ज पर दूसरी कंपनियों से तकनीकी सहयोग हासिल करेगी. कंपनी ने इस काम के लिए एक स्टार्ट हब की शुरुआत की जिस के जरिए एक हजार स्टार्टअप्स की मदद लेने का ऐलान किया गया है.

उस के कारोबार को आसान बनाने में सहयोग करने वाले स्टार्टअप कारोबारियों से ट्रांजैक्शन तथा रखरखाव का शुल्क नहीं लिया जाएगा. स्टार्टअप से जुड़ने वाले कारोबारी कंपनी के लिए भुगतान के नए क्षेत्रों के वास्ते तकनीकी मदद पहुंचाएंगे. कंपनी का कहना है कि कंपनी अभी तक बस, सिनेमा तथा विमान टिकट सेवा में भुगतान की सुविधा दे रही है और अब वह योजना भवन, किराए के मकान तथा ट्रैफिक चालान जैसे क्षेत्रों में भी सेवा प्रदान करना चाहती है.

इस के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी कंपनी काम आरंभ करेगी और यह हब उस विस्तार में उस के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होगा. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने का सड़क से वीडियो बना कर कंपनी को भेजा जा सकता है, जनसामान्य की इस शिकायत के आधार पर भी चालान काटा जा सकेगा.

स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया के विस्तार की सरकार की योजना में इस तरह के प्रयास को महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है. इस से नकदी ले कर चलने के प्रचलन पर कमी आएगी और डिजिटल सेवाओं के द्वारा लोग छोटेमोटे भुगतान भी कर सकेंगे.