अगर आप भी शौपिंग करने के लिए कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ाने के लिए आरबीआई ने आज एक अहम फैसला लिया है जिससे आपका कार्ड पेमेंट पर लगने वाला अतिरिक्त चार्ज से आपको राहत मिल सकती है. आपने ये भी बात महसूस की होगी कि कैश में पेमेंट करने कब बजाए कार्ड से पेमेंट करने पर आपको कुछ एक्स्ट्रा पैसा देना पड़ता है, ये एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) के चलते ही होता था पर अब इसको लेकर जो फैसला आया है उससे आपको कार्ड के जरिए पेमेंट पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज से छुटकारा मिल जाएगा. आरबीआई ने मोनेटरी पौलिसी रिव्यू पर बताया कि हमारे इस फैसले से डिजिटल पेमेंट को बूस्ट मिलेगा.

अपने इस फैसले के तहत आरबीआई ने एमडीआर वसूलने के लिए व्यापारियों को दो श्रेणियों में बांटा है. जिन व्यापारियों का लेन-देन 20 लाख प्रतिवर्ष से अधिक है वो बड़ें व्यापारियों की श्रेणियों में आएंगे और वहीं जिनका लेन-देन 20 लाख से कम हैं वो छोटे व्यापारियों की श्रेणी में आएंगे.

आपको बता दें कि इस समय देश में बैंक मर्चेंट से हर ट्रांजेक्शन पर 1.50 से लेकर 1.75 फीसदी तक वसूलता है. अगर, आरबीआई मर्चेंट डिस्काउंट देता है, तो इसका फायदा सीधा आम लोगों को मिलेगा.

यह होता है एमडीआर

जब भी कोई बैंक किसी व्यापारी से कार्ड पेमेंट सेवा के लिए कोभ चार्ज वसूलता है तो उसे मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानि कि एमडीआर कहते हैं. आज होता ये है कि ज्यादातर व्यापारी अपने सिर से इसका भार कम करने के लिए एमडीआर फीस का भार ग्राहकों पर डाल देते हैं.

जानकारी के मुताबिक नए चार्ज के तहत एक हजार रुपए से कम की लेनदेन पर 2.50 रुपए, एक से दो हजार के लेन-देन पर पांच रुपए और दो हजार से अधिक के लेन-देन पर नौ रुपए चार्ज लगेगा. एमडीआर शुल्क कम होने से आप जब भी डेबिट कार्ड से लेन-देन करेंगे, तो आपको उसमें अतिरिक्त शुल्क न के बराबर देना होगा.

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