जब बीमारियों का खौफ आप को पूरी तरह से तोड़ देता है और रिश्तेदार भी साथ देने से कतराने लगते हैं तो बीमा सुरक्षा ही आप के काम आती है. आप निश्चिंत हो कर अपना इलाज कराते हैं और अपनी जमा धनराशि को हाथ लगाए बगैर ही स्वस्थ हो कर घर लौटते हैं.

वैसे सामान्य रूप से माना जाता है कि काफी रईस लोगों यानी हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स (एचएनआईएस) को स्वास्थ्य बीमा लेने की जरूरत ही नहीं होती. वे अपना इलाज खुद कराने में सक्षम होते है. और उन की जरूरतों को ज्यादातर पॉलिसीज कवर ही नहीं करतीं.

मगर हाल ही में न्यू इंडिया ऐश्योरैंस ने 1 करोड़ का प्रीमियर मेडिक्लेम कवर लौंच किया है. जिस के तहत 6 सदस्यों को बीमा कवरेज मिल जाएगा.

यह पॉलिसी गंभीर बीमारियों और अस्पताल के खर्चों के साथ होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी इलाज के खर्चों को भी कवर करती है. 1 करोड़ के बीमा के अलावा यह पॉलिसी ऐसी बहुत सी अतिरिक्त सुविधाएं भी देती है जो किसी दूसरी मेडीक्लेम पॉलिसी में उपलब्ध नहीं है. मसलन कंजीर्स सर्विसेज, डाइट काउंसलिंग और सेकंड ओपिनियन वगैरह शामिल हैं.

इस प्रीमियर मेडीक्लेम पॉलिसी में मोतियाबिंद, मानसिक रोगों और मनोदैहिक विकारों व मोटापे से जुड़ी समस्याओं के इलाज के खर्चों को भी शामिल किया गया है.

पॉलिसी की खास विशेषताएं

कस्टमर 2 विकल्पों में से कोई भी एक विकल्प चुन सकता है:

1. प्लान ए- 15 लाख और 25 लाख.

2. प्लान बी- 50 लाख और 1 करोड़.

प्लान ए के तहत 2 लाख तक की गंभीर बीमारियों को कवर किया गया है. जबकि प्लान बी के तहत यह कवरेज 5 लाख की है.

प्लान ए के तहत आप को हर रोज 3 हजार हौस्पीटल कैश चुकाने के लिए मिलते हैं जबकि प्लान बी के तहत यह राशि 4 हजार है.

बीमा की राशि का 20 प्रतिशत हिस्सा आयुर्वेदिक होम्योपैथिक और यूनानी इलाज के लिए दिया जाएगा.

प्रत्येक 2 कंटीनुअस क्लेम फ्री ईयर्स के बाद ओपीडी ट्रीटमैंट कवर किया जाएगा. प्लान ए के तहत यह राशि क्व5 हजार और प्लान बी के तहत 10 हजार होगी. मैटरनिटी कवर, प्लान ए के तहत 50 हजार और प्लान बी के तहत 1 लाख रहेगा.

न्यूबौर्न बेबीज को भी उन के जन्म से ले कर पॉलिसी के ऐक्सपायर होने की डेट तक चोटचपेट या बीमारियों के दौरान सुरक्षा कवर मिलेगा.

इस बीमा पॉलिसी के अंतर्गत प्लान ए के तहत एचआईवी/एड्स के लिए 2 लाख और प्लान बी के तहत 5 लाख तक का सुरक्षा कवच प्राप्त होगा.