टैलीविजन स्क्रीन का बाजार बदल गया है. बाजार में फ्लैट टीवी की देसी कंपनियों का कब्जा है. शुरुआत में इस बाजार पर सैमसंग, एलजी तथा सोनी जैसी कई अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों का दबदबा रहा है. इस से पहले भी परंपरागत टीवी बाजार में इन्हीं कंपनियों की धाक रही है. भारत के विशाल मोबाइल फोन उपकरण बाजार पर भी इन्हीं बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कब्जा रहा है लेकिन अब स्थिति पलट गई है. मोबाइल बाजार में देसी कंपनियों ने कब्जा कर लिया है. डेढ़दो दशकों पहले जापान तथा कोरिया की बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने सशक्त नैटवर्क तथा देसी कंपनियों के टीवी की तुलना में सस्ते टीवी दे कर और अच्छी तकनीक की वजह से बीपीएल, वीडियोकोन तथा ओनिडा जैसी भारतीय कंपनियों को तबाह कर दिया था लेकिन आज स्थिति उलट गई है.

भारतीय कंपनियां इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए खतरा बन गई हैं. माइक्रोमैक्स, वीयू, इनटैक्स जैसी देसी कंपनियां अच्छी तकनीकी तथा एलजी, सोनी, सैमसंग की तुलना में 30-40 फीसदी सस्ती दर पर टीवी बेच रही हैं. बड़ी बात यह है कि अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को मात देने के लिए देसी कंपनियों ने सब से पहले छोटे शहरों के बाजारों पर कब्जा किया. इन बाजारों में ग्रामीण क्षेत्र का भी जबरदस्त दखल है. वीयू ने नैटफ्लीक्स फ्लैट टीवी को और ज्यादा नई तकनीक के साथ पेश किया है. उस ने अपने उत्पाद बेचने के लिए फ्लिपकार्ट जैसी औनलाइन कंपनी के साथ समझौता किया है.

टीवी बेचने और विदेशी कंपनियों को मात देने का जो नया तरीका देसी कंपनियों ने निकाला है उस से उन के राजस्व में जबरदस्त वृद्धि हुई है. नतीजतन, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए बाजार में टिका रहना कठिन हो गया है. देसी कंपनियों की यह रणनीति मेक इन इंडिया के लिए महत्त्वपूर्ण कदम है.