सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय राजमार्गों में सुधार के लिए जो कदम उठा रहा है उस का परिणाम देश के विभिन्न राजमार्गों में देखने को मिलने लगा है. राजमार्गों को 4-6 और 8 लेन बनाने की प्रक्रिया तेज हुई है और इस से राजमार्गों में लगने वाले जाम से आम लोगों को राहत मिली है.

राजमार्गों पर टोल प्लाजा अभी भी जाम का कारण बना हुआ है. इस से कई बार लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं. इस के लिए औनलाइन भुगतान प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है. इस के तहत हाल में ही सरकार ने ‘माई फास्टैग’ तथा ‘फास्टैग पार्टनर’ 2 मोबाइल ऐप शुरू किए हैं. इन ऐप के शुरू होने से लोगों को टोल प्लाजा पर लंबी कतार में खड़े होने के बजाय सीधी अपनी लेन पर चल कर आगे निकलने की सुविधा होगी.

राजमार्गों का संचालन करने वाली सरकारी क्षेत्र की कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई का दावा है कि इस वर्ष अक्तूबर से लोगों को सभी राजमार्गों के टोल प्लाजा पर इलैक्ट्रौनिक टोलिंग की सुविधा मिल जाएगी.

देश में कुल 371 टोल प्लाजा हैं. अब तक 84 हजार किलोमीटर राजमार्गों यानी 365 टोल प्लाजा पर यह सुविधा उपलब्ध है. ‘माई फास्टैग’ को कोई भी व्यक्ति अब अपने मोबाइल पर खरीद कर डाउनलोड कर सकता है. अब तक इस की खरीद के लिए बैंकों का चक्कर लगाना पड़ता था लेकिन अब औनलाइन खरीद कर इसे औनलाइन रिचार्ज किया जा सकता है. इन सुविधाओं के बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा और सीधे अपनी लेन से आगे निकलने की सहूलियत मिलेगी.

सरकार पिछले 4 वर्षों से इस तरह की प्रणाली को विकसित करने की योजना पर काम कर रही थी. अब उस ने यह सुविधा हर हाथ तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था कर ली है. उम्मीद की जानी चाहिए कि इस तरह के प्रयासों से सड़कों पर जाम से मुक्ति मिलेगी.