पिछले सत्र में रियल एस्टेट बिल के पारित होने के बाद उम्मीद थी कि इस सत्र में जीएसटी बिल पर सदन सकारात्मक कदम उठाएगी. बुधवार को राज्यसभा में जीएसटी बिल पारित हो ही गया. इससे देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. हालांकि अभी लोकसभा से पारित होकर बिल राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए जाएगा पर वह राह अब आसान नज़र आ रही है. जीएसटी के पारित होने से रियल एस्टेट सेक्टर पर कैसा असर पड़ेगा, जानिए क्या कहना है डेवलपर्स का-

1. अशोक गुप्ता, सीएमडी, अजनरा इंडिया लिमिटेड

पुरे देश में एकल कर प्रणाली हो जाएगी जिससे न केवल कीमते समान रहेगी बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी जो निष्पक्ष व्यापर में सहायक होगी. जीएसटी लागू होने से रियल्टी सेक्टर को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.

2. कुशाग्र अंसल, निदेशक, अंसल हाउसिंग

आज कल कुछ डेवलपर अलग-अलग राज्यों में प्रोजेक्ट का निर्माण करते है जिससे विभिन्न वैट होने से कीमतों में अंतर आता है | अब जीएसटी के आ जाने से सरल कर प्रणाली होगी जिससे टियर 1 व 2 शहरों में भी सस्ते दाम पर अच्छा निर्माण हो सकेगा.

3. दीपक कपूर, अध्यक्ष, क्रेडाई-पश्चिम उ.प्र. व निदेशक गुलशन होम्ज़

जीएसटी के लागू होने से रियल्टी सेक्टर में आसान कर प्राणाली आ जाएगी, निर्माण लागत कम हो जाएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी. वर्तमान हालत को देखें तो कीमतों में 15% से 20% तक की कमी आने की उम्मीद है जिससे आने वाले 5-7 सालों में रियल्टी सेक्टर ही नहीं पूरे भारतीय बाज़ार पर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

4. विकास भसीन, एमडी, साया ग्रुप

गौरतलब है कि निर्माणाधीन संपत्ति खरीदने पर ग्राहक को सेवा कर व वैट दोनों भरना पड़ता है पर जीएसटी के आ जाने से डेवलपर को नॉन क्रेडिबल टैक्स जैसे एंट्री टैक्स, सीएसटी, कस्टम ड्यूटी आदि कम भरने पड़ेंगे जिससे कीमत सीधे तौर पर कम हो जाएगी.

5. मनोज गौड़, अध्यक्ष, क्रेडाई एनसीआर व एमडी, गौड़संस इंडिया लिमिटेड

सरकार द्वारा एक ऐसा सराहनीय जीएसटी बिल पारित किया गया है जो निश्चित तौर पर रियल्टी सेक्टर व उसके खरीदारों के लिए लाभदायक साबित होगा. कर की सरल प्रणाली सेक्टर में पारदर्शिता और कीमतों में कटौती लाने में सहायक होगी जो डेवलपरों व ग्राहकों दोनों के लिए अच्छा होगा.