रिलायंस जियो ने टेलीकौम इंडस्ट्री में कदम रखते ही जो धमाल मचाया, उससे दूसरी टेलीकौम कंपनियां सकते में आ गईं. आज जियो नेटवर्क टेलिकौम का एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है. अब जियो ने अगली योजना भी शुरू कर दी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जियो अपने उपभोक्ताओं को फ्री शौपिंग कराने की तैयारी कर रहा है.

देश में बढ़ते डिजिटल पेमेंट को देखते हुए जियो अब ई-कौमर्स मार्केट में उतरने की तैयारी में है. विशाल नेटवर्क और लाखों कस्टमर्स के दम पर जियो अमेजौन, फ्लिपकार्ट जैसे बड़े प्लेयर्स से टक्कर लेगा. जिस तरह टेलीकौम सेक्टर में 6 महीने के भीतर जियो ने 10 मिलियन कस्टमर्स जोड़े हैं उसी तरह ई-कौमर्स में भी धमाल मचाने की तैयारी है.

जियो मनी से सुविधा देने की तैयारी

कंपनी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जियो कौर्नर स्टोर, किराना दुकानें और कंज्यूमर ब्रैंड्स के साथ संपर्क में है. दरअसल जियो कंपनी के कस्टमर्स को जियो मनी प्लेटफौर्म से इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं. डिजिटल कूपन के जरिए पड़ोस की दुकानों से खरीदारी की जा रही है. फिलहाल जियो मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में कई बड़े स्टोर्स और ब्रैंड्स में ई-बिजनेस कर रहे हैं, संभव है यह योजना अगले साल अन्य शहरों में तक भी पहुंच जाएगी.

ई-कौमर्स कंपनियों पर नजर

पिछले एक साल में जियो से 13.2 करोड़ कंज्यूमर्स जुड़े हैं. इसमें उनका प्लेटफौर्म अजियो (Ajio) भी शामिल है. कंपनी अब औनलाइन-टू-औफलाइन ई-कौमर्स में प्रवेश कर चुकी पेटीएम और फोनपे जैसी कंपनियों पर ध्यान दे रही है. पेटीएम जैसी कंपनियां कौर्न स्टोर तथा अन्य ब्रैंडस से जुड़कर बिजनेस कर रही हैं.

इन कंपनियों के पास अपने नेटवर्क का आक्रामक रूप से बढ़ाने के लिए निवेशकों से मदद मिलती है. वहीं, ई-कौमर्स दिग्गज अमेजौन और फ्लिपकार्ट भी अपने किराना सामान की डिलीवरी बिजनेस में और निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं.

ई-कौमर्स सेक्टर का विस्तार

हांलाकि, ई-कौमर्स में उतरने की खबर को लेकर रिलायंस जियो ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है. सूत्रों की मानें तो कंपनी फिलहाल औनलाइन-टू-औफलाइन बिजनेस मौडल पर काम कर रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 650 अरब डौलर का रिटेल कारोबार होता है, वहीं ई-कौमर्स सेक्टर में ये आंकड़ा केवल 3-4% है. इसके अलावा 8% संगठित खुदरा विक्रेता हैं, जो शौपर्स स्टौप और बिग बाजार जैसे स्टोर्स से चलते हैं. बाकी 88% से 89% बाजार में उपलब्ध छोटी दुकानें या नुक्कड़ स्टोर्स हैं.

अंतिम रूप देना बाकी

सूत्रों के मुताबिक, अभी तक जियो ने ई-कौमर्स बिजनेस मौडल को अंतिम रूप नहीं दिया है. दूसरे शहरों में रिसर्च के बाद ही इसमें बदलाव किए जाएंगे. जियो ने पायलट प्रोजेक्ट के लिए आईटीसी, विप्रो, डाबर, टाटा बेवरेजेज, गोदरेज कंज्यूमर और अमुल जैसे ब्रांड्स को शामिल किया है.

क्या मिलेगी सुविधा

मौजूद स्थिति में जियो अपने मोबाइल यजूर्स को विशेष ब्रैंड के प्रोडक्ट्स के लिए डिजिटल कूपन देगा. यूजर्स इस डिजिटल कूपन के जरिए इन ब्रैंड्स पर शौपिंग कर सकेंगे. पड़ोस के किसी भी स्टोर पर ये कूपन काम करेंगे.

हालांकि, डिजिटल कूपन उन्हीं स्टोर्स पर चलेंगे होगा जिनके साथ पार्टनरशिप होगी. ब्रैंड पार्टनर्स अपने प्रोडक्टस के प्रमोशल औफर्स जियो कस्टमर्स को भेज सकेंगे. इससे मेकर्स और बेचने वालों के बीच भी तालमेल मजबूत होगी और औफर के जरिए बिक्री भी ​बढ़ेगी.

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