सरिता विशेष

छोटे शहर औनलाइन कारोबार पर चार चांद लगाने का काम कर रहे हैं. इन शहरों में औनलाइन खरीदारी जिस तेजी से बढ़ रही है उस से अनुमान लगाया जा रहा है कि इन शहरों में ब्रैंडेड सामान की मांग बढ़ने से सस्ते सामान का कारोबार भी प्रभावित होगा. औनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों ने छोटे शहरों का रुख तेज कर दिया है.

औनलाइन कारोबार करने वाली कंपनी स्नैपडील का कहना है कि दूसरे तथा तीसरे स्तर के शहरों में काम करने से उस का कारोबार 20 फीसदी तक बढ़ गया है. फ्लिपकार्ट का कहना है कि उस ने छोटे शहरों के अलावा गांव तक अपनी पहुंच बनाने के लिए पहल शुरू कर दी है. अमेजौन का कहना है कि उस की सेवा तत्परता के कारण छोटे शहरों के ग्राहक उस का रुख अन्य सेवा प्रदाताओं की तुलना में ज्यादा तेजी से कर रहे हैं.

एक आंकड़े के अनुसार छोटे शहरों, कसबों तथा गांवों में औनलाइन कारोबार में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हाल के दिनों में आई है. पिछले साल की तुलना में इस बार औनलाइन और्डर हजारों गुना बढ़े हैं और उन में डिलीवरी पर 60 फीसदी और्डर नकद आधार पर हो रहे हैं. इन इलाकों में रसोई के सामान, इलैक्ट्रौनिक्स सामान, साडि़यां, पर्स तथा मोबाइल की औनलाइन ज्यादा मांग है.

छोटे कसबों में अब तक बड़े शहरों के जरिए सामान की आपूर्ति होती थी जिस के कारण उपभोक्ताओं को सामान देर से मिलता था. छोटे शहरों या कसबों में बड़े शहरों से एकसाथ कई और्डर ले कर जाना पड़ता था, जिस की वजह से देर होती थी लेकिन कुछ कंपनियों ने इन शहरों में अपनी सेवा शुरू कर दी है जिस का फायदा ग्राहकों को मिल रहा है. इस सुविधा के कारण इन छोटे शहरों में औनलाइन कारोबार आकर्षण का केंद्र बन गया है.