भारतीय रिजर्व बैंक ने देशभर के सभी बैंको को Windows XP वाले ATM मशीन हटाने के निर्देश जारी किए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सभी बैंकों को सितंबर 2019 तक अपने ATM से Windows XP वाले कंप्यूटर हटाने का समय मिला है. इसकी मुख्य वजह साइबर अटैक माना जा रहा है. पिछले साल पुराने औपरेटिंग सिस्टम में वाइरस अटैक की घटना के बाद कई संस्थानों ने अपने पुराने कंप्यूटर बदल लिए हैं और अपने सिस्टम को अपग्रेड कर रहे हैं.

2014 में बंद किया Windows XP का सपोर्ट

Windows XP औपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी माइक्रोसौफ्ट ने 8 अप्रैल 2014 से ही इसके औफिशियल सपोर्ट और अपडेट बंद कर दिए थे. आपको बता दें कि Windows XP, पर्सनल कंप्यूटर में अब तक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला औपरेटिंग सिस्टम है. आपको यह जानकर हैरानी होगी की यह आउटडेटेड औपरेटिंग सिस्टम देशभर के लगभग सभी ATM में इस्तेमाल होता है.

RBI ने लिया संज्ञान

RBI ने बैंकिंग प्रणाली को किसी भी तरह के साइबर अटैक से बचाने के लिए संज्ञान लेते हुए सभी बैंकों को इस आउटडेटेड औपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड करने का दिशा-निर्देश जारी किया है. RBI ने बैंकों के ढीले रवैये पर आपत्ति जताते हुए नोटिफिकेशन में लिखा कि ATM में पुराने औपरेटिंग सिस्टम की वजह से साइबर हमले का खतरा उत्पन्न हो सकता है, इसलिए सभी बैंक जल्द से जल्द बैंकों और ATM को अपग्रेड करें.

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बैंक और ATM सर्वर को बड़ा खतरा

RBI ने साफ कहा कि, बैंकों और ATM में विंडोज XP के इस्तेमाल से ग्राहकों को अकाउंट हैक होने से लेकर ATM सर्वर हैक होने का खतरा है. यह बैंकों की बड़ी लापरवाही का उदाहरण है. जो औपरेटिंग सिस्टम 4 साल पहले ही बंद हो चुका है, बैंक उसका इस्तेमाल अभी तक कर रहे हैं. इसकी वजह से ग्राहकों के अकाउंट के साथ ही बैंक पर भी साइबर हमले की तलवार लटक रही है. 2014 में ही हमें सूचना मिली थी कि देशभर के 95 फीसद ATM कभी भी हैक हो सकते हैं, क्योंकि वे पुराने विंडोज XP औपरेटिंग सिस्टम पर रन करते हैं, जिसका सपोर्ट और अपडेट माइक्रोसौफ्ट ने बंद कर दिया है.

बैंकों पर हो सकती है कारवाई

RBI ने साफ किया है कि बैंकों की यह बड़ी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी बैंक सितंबर 2019 तक अपने ATM सिस्टम को अपग्रेड कर लें. अगर कोई बैंक तय समय-सीमा में ATM को अपग्रेड नहीं करता है तो उसके खिलाफ बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट 1949 या पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम एक्ट 2007 के तहत कारवाई की जाएगी. इस नोटिस पर RBI के मुख्य जनरल मैनेजर आर रविकुमार के हस्ताक्षर हैं.

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