बैंकिंग क्षेत्र तथा ढांचागत विकास के लिए सरकार की घोषणाओं का बौंबे स्टौक एक्सचेंज यानी बीएसई पर जबरदस्त असर रहा और शेयर सूचकांक अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े के आखिरी सप्ताह में 33,000 अंक के रिकौर्ड स्तर को पार कर गया. सप्ताह के अंतिम 4 सत्रों में बाजार हर दिन नए रिकौर्ड बनाता रहा और पूरे सप्ताह के दौरान सूचकांक ने 767 अंक की बढ़त हासिल की जो पिछले 9 माह में सर्वाधिक रही.

बैंकिंग, ढांचागत विकास तथा स्वास्थ्य क्षेत्र के शेयरों में इस अवधि में सब से ज्यादा उत्साह देखने को मिला. विदेशी बाजारों में इस दौरान मजबूती रही. अमेरिका तथा उत्तर कोरिया के बीच तनाव की स्थिति के बावजूद शंघाई तथा दक्षिण कोरिया के बाजारों में तेजी रही. भारतीय रुपया भी इस दौरान डौलर के मुकाबले लगातार मजबूत स्थिति पर रहा.

नैशनल स्टौक एक्सचेंज में भी आलोच्य अवधि में जम कर लिवाली हुई और निफ्टी 10 हजार अंक के रिकौर्ड स्तर को पार कर गया. सरकार द्वारा बैंकों के लिए भारीभरकम राशि की मदद की घोषणा से बाजार में उछाल आया और सूचकांक ने इस ऐलान के अगले दिन 500 अंक की छलांग लगा दी.

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने विकास के लिए बैंकिंग सिस्टम की मजबूत स्थिति को जरूरी बताया और कहा कि बैंक जब खुद मजबूत स्थिति में होंगे तब ही वे आर्थिक विकास की गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध करा सकेंगे