देश का दूरसंचार क्षेत्र इन दिनों सर्वाधिक चर्चित, सक्रिय और प्रतिस्पर्धी बना हुआ है. पिछले वर्ष रिलायंस कंपनी ने अपने ग्राहकों का आधार बढ़ाने के लिए जियो सिम के जरिए उपभोक्ताओं को निशुल्क इंटरनैट डाटा निर्धारित समय के लिए उपलब्ध कराने की घोषणा की थी तो जियो सिम पाने के लिए लोगों की लंबीलंबी कतारें लग गईं. कई शहरों में यह ब्लैक में भी बिकने लगा. इसे देखते हुए दूसरी कंपनियों ने भी अपने खिसकते उपभोक्ता आधार को बचाने के लिए नईनई रणनीतियां अपनानी शुरू कर दीं जिस से ग्राहकों को बेहद सस्ती दरों पर मोबाइल नैटवर्क सेवा मिलने लगी.

दूरसंचार बाजार की इस स्थिति को देखते हुए वित्तीय सेवा क्षेत्र की अंतर्राष्ट्रीय कंपनी मौर्गन स्टेनले तथा मूडीज का आकलन है कि अगले डेढ़ दो वर्षों तक भारतीय दूरसंचार कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी क्योंकि देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस और आइडिया के बीच अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की होड़ मची है.

कमाल यह है कि यह प्रतिस्पर्धा सिर्फ दूरसंचार सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के बीच ही नहीं है, बल्कि मोबाइल फोन उपलब्ध कराने वाली कंपनियों में भी है. इसी प्रतिस्पर्धा का परिणाम है कि विदेशी ब्रैंडों की कड़ी चुनौतियों के बीच भारतीय मोबाइल फोन निर्माता कंपनी लावा ने अपनी नई सीरीज के मोबाइल के लिए नई और अलग तरह की स्कीम लागू की है. इसे अनूठे मनीबैक चैलेंज औफर का नाम देते हुए कंपनी ने कहा कि उस के स्मार्टफोन को खरीदने के एक माह के भीतर ग्राहक फोन से असंतुष्ट होने पर फोन को लौटा कर पूरा पैसा वापस ले सकता है.

कंपनी ने यह स्कीम सितंबर में चीन में और अक्तूबर में भारत में लौंच की. बताया जा रहा है कि कंपनी को इस का अच्छा रिस्पौंस मिल रहा है और इस क्षेत्र की अन्य कंपनियां भी इसी तरह के लुभावने औफर लौंच करने की तैयारी कर रही हैं.