लेंडिंग कारोबार से कौम्पटीशन बढ़ाने की तैयारी में जुटी स्टेट बैंक औफ इंडिया (एसबीआई) ने पांच साल में पहली बार डिपौजिट रेट में बढ़ोतरी की है. पिछले महीने प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक ने डिपौजिट रेट में मामूली बढ़ोतरी की थी. एसबीआई ने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा डिपौजिट और सीनियर सिटीजंस के रेट्स में 50 से 140 बेसिस प्वाइंट्स तक की बढ़ोतरी की है. 100 बेसिस प्वाइंट्स 1 पर्सेंटेज प्वाइंट के बराबर होता है. बैंक ने सबसे ज्यादा रेट हाइक 46 से 210 दिन के डिपौजिट्स के लिए किया है जो 140 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी के साथ 4.85% से बढ़कर 6.25% हो गया है.

एसबीआई ने कहा है कि वह एक साल के बल्क डिपौजिट पर तत्काल प्रभाव से 100 बेसिस प्वाइंट्स यानी 1 पर्सेंटेज प्वाइंट ज्यादा 6.25% रेट औफर कर रहा है. उसने सात से 46 दिन के डिपौजिट पर 50 बेसिस प्वाइंट्स ज्यादा यानी 5.25% रेट औफर करने का ऐलान किया है जबकि 46 दिन से 2 साल तक के डिपौजिट पर वह 6.25% देगा. दो से दस साल के डिपौजिट्स पर एसबीआई 6% रेट औफर कर रहा है. रेट बढ़ाने की जरूरत इसलिए पड़ी है कि बैंक लोन बांटने के लिए एक्सेस सरकारी बौन्ड्स की बिकवाली में जुटे हैं. उनको जितने डिपौजिट की जरूरत है वह उनके तय रेट पर नहीं मिल रहा है.

रेटिंग कंपनी इकरा के ग्रुप हेड-फाइनेंशियल सेक्टर रेटिंग कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा, ‘बल्क डिपौजिट सेगमेंट में ज्यादा डिपौजिट जुटाने और डिपौजिट रेट बढ़ाने की जरूरत नजर आ रही है. पिछले क्वार्टर में सर्टिफिकेट औफ डिपौजिट आउटस्टैंडिंग के वौल्यूम में तेज उछाल आई और मिनिमम कौरपोरेट डिपौजिट रेट में बढ़ोतरी हुई.’ बैंकों की तरफ से शौर्ट टर्म फंड जुटाने में इस्तेमाल होनेवाले सर्टिफिकेट फंड डिपौजिट्स का वौल्यूम जनवरी में 1.52 लाख करोड़ रुपये हो गया जो सितंबर में 82,412 करोड़ था. इसके साथ ही उनका रेट्स 6.12% से बढ़कर 6.23% हो गया.

बता दें कि 5 जनवरी तक इंक्रीमेंटल क्रेडिट 2.02 लाख करोड़ रुपये था जो 1.27 लाख करोड़ रुपये के एडिशनल डिपौजिट से कहीं ज्यादा है. 29 सितंबर 2017 से 5 जनवरी 2018 के बीच इंक्रीमेंटल क्रेडिट 1.85 लाख रुपये रहा जो 0.30 लाख करोड़ रुपये के डिपौजिट से बहुत ज्यादा है. लोन की डिमांड और डिपौजिट एडिशन में ज्यादा फर्क होने के चलते बैंकों ने बौन्ड पोर्टफोलियो को बेचना शुरू कर दिया था.

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