कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम करने वाली इंडिया की सब से बड़ी संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने अपने नागरिकों को विदेशों में भी काम करते हुए घरेलू कर्मचारी भविष्य निधि योजना का लाभ देने के लिए कुछ देशों के साथ समझौता किया है जिस से भारतीय कामगार संबंधित देश की सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आएंगे और उन्हें अपने भुगतान के लिए परेशान भी नहीं होना पड़ेगा.

ईपीएफओ ने इस के लिए फ्रांस, जरमनी, डेनमार्क, कनाडा, आस्ट्रिया, आस्ट्रेलिया, जापान सहित 18 देशों के साथ समझौता कर लिया है और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है. ईपीएफओ सवा 9 लाख कंपनियों को कवर कर 60 लाख से ज्यादा लोगों को पैंशन की सुविधा दे रहा है और करीब 5 करोड़ लोग उस के सदस्य हैं. उस की कर्मचारी कल्याण योजनाओं का लाभ विदेशों में काम करने वाले भारतीयों को मिले, इस के लिए उस ने कई देशों के साथ समझौता करने का फैसला किया है.

संगठन का कहना है कि उस की इस योजना का सर्वाधिक लाभ उन लोगों को होगा जो कम अवधि के लिए विदेशों में काम करने जाते हैं. ईपीएफओ का कहना है कि उस की इस सुविधा का लाभ लेने के लिए औनलाइन सेवा शुरू की गई है और औनलाइन फौर्म भर कर इस सेवा के लिए आवेदन किया जा सकता है. उस की वैबसाइट पर एक पन्ने का निर्धारित फौर्म है जिसे भर कर औनलाइन जमा कर देना है.

इस सुविधा से दोहरे सामाजिक सुरक्षा भुगतान के दायित्व से बचा जा सकेगा, साथ ही, भुगतान में आने वाले विलंब से भी मुक्ति मिलेगी. यह संगठन देश में कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम करने वाला महत्त्वपूर्ण संगठन है जो लोगों को सेवा देने के लिए निरंतर नई पहल कर रहा है और सुविधा को सरल बना रहा है.