देश में बिजली की मांग जिस गति से बढ़ रही है उसी स्तर पर बिजली आपूर्ति के लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं और इस दिशा में उठाए जा रहे कदम संकेत देते हैं कि आने वाले समय में लोगों को ऊर्जा की किल्लत से कम जूझना पड़ेगा. वैकल्पिक ऊर्जा पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है. इस दिशा में भी कई महत्त्वपूर्ण पहल की जा रही हैं.

बिजली का उत्पादन तो बढ़ेगा लेकिन उस को किस तरह से लोगों तक पहुंचाना है और उत्पादन का प्रबंधन किस तरह से करना है, यह सरकार के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है. इस चुनौती से निबटने के लिए हाल ही में देश की सब से बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थान आईआईएम अहमदाबाद के साथ समझौता किया है. यह संस्थान एनटीपीसी स्कूल औफ बिजनैस के साथ मिल कर काम करेगा और उस के अनुकूल पाठ्यक्रम भी तैयार करेगा. सरकार का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र में प्रबंधन को ले कर उसे और अच्छी टीम की जरूरत है. ऊर्जा क्षेत्र में इस के पास पेशेवर प्रबंधकों के लिए करीब 20 हजार लोगों की आवश्यकता है. एनटीपीसी के मानव संसाधन निदेशक सप्तर्षि राय ने पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए हाल में बताया कि बिजली क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में अहम स्थान है और इस के लिए उसे अच्छे पेशेवर प्रबंधक चाहिए.

उन्होंने बताया कि यह समझौता फिलहाल 5 वर्षों के लिए किया गया है. इस तरह के समझौते से आईआईएम अहमदाबाद को और मजबूती मिलेगी और देश में श्रेष्ठ प्रबंधकों की कमी को दूर किया जा सकेगा.

यह समझौता और पहले किया जाना चाहिए था. लगता है कि वैकल्पिक ऊर्जा के बढ़ रहे प्रभाव को देखते हुए एनटीपीसी ने अपनी महत्ता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है. उस का यह प्रयास सराहनीय है और इस के देश के ऊर्जा क्षेत्र में अच्छे परिणाम दिखेंगे.