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देश में विमानन सेवा कारोबार को पंख लग रहे हैं. इस की वजह है घरेलू विमानन सेवा में बढ़ी प्रतिस्पर्धा. इसी से विमान किराए में भारी कमी आई है. देश में विमान यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. बीते वर्ष 11 करोड़ 71 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की जो 2016 से 17.31 प्रतिशत अधिक है. विमान सेवा में साल 2014 से लगातार वृद्धि हो रही है और लगातार 39 महीने से यात्री विमानों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. भारत में 2016 में यात्री वृद्धि दर 23.5 दर्ज की गई जबकि चीन में यह दर 10.7 प्रतिशत और अमेरिका में 3.3 प्रतिशत है. इस के साथ ही भारत दुनिया का तीसरा सब से बड़ा विमान बाजार बन गया है.

देश में उड़ान क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दूरदराज के क्षेत्रों के लिए उड़ान सेवा शुरू की है. भारत टिकटों की बिक्री के आधार पर दुनिया का तीसरा सब से बड़ा बाजार बन गया है. इस बात का आर्थिक सर्वेक्षण में भी उल्लेख किया गया है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 29 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था जो देश की अर्थव्यवस्था का असली दर्पण होता है. देश में बदलते परिवेश से यह स्वाभाविक है, क्योंकि लोगों की क्रयशक्ति में जबरदस्त इजाफा हो रहा है और विमानन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है जिस से यात्री टिकट की लागत कम हो रही है और इस का सीधा लाभ आम उपभोक्ता को मिल रहा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि हवाई यात्रियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए सरकार विमानन क्षेत्र की जरूरतों पर खास ध्यान देगी.