पिछले कुछ सालों में औटो मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. छोटी कारों की बिक्री आई गिरावट की वजह से यह बदलाव आ रहा है. लोगों का फोकस अब कौम्पैक्ट सेगमेंट और यूटिलिटी व्हीकल्स पर है. यही वजह है कि मार्केट में भी इनकी डिमांड ज्यादा है. यही वजह है कि टाटा पिछले तीन महीने में अपनी तीसरी कार बंद करने का फैसला लिया है. बिक्री कम होने की वजह से टाटा ने इंडिका और इंडिगो नाम की दो कारें बंद करने का ऐलान किया था. अब खबर है कि कंपनी अपनी एक और कार को बंद करने जा रहा है. टाटा के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बनी कार को बंद करने के पीछे भी कम बिक्री ही कारण है.

अब टाटा नैनो होगी बंद

इंडिका और इंडिगो के बाद टाटा की सबसे छोटी कार नैनो भी बंद होने वाली है. हालांकि, कंपनी अभी नैनो कार बना रही है, लेकिन इसकी बिक्री बहुत कम है. साल 2018 की बात करें तो इस कार की सिर्फ 1851 यूनिट्स ही बिकी हैं. साल 1998 में लौन्च की गई इंडिका की इस साल 2,583 यूनिट्स बेची गईं. वहीं, 2002 में लौन्च की गई इंडिगो की 1,756 यूनिट्स बेची गईं. इसके बाद ही इन दोनों कारों को बंद कर दिया गया था.

रतन टाटा का मनपसंद प्रोजेक्ट

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टाटा ग्रुप के चेयरमेन रतन टाटा ने साल 2009 में अपने मनपसंद प्रोजेक्ट के तहत नैनो को लौन्च किया था. लेकिन, पिछले कुछ समय से बाजार में नैनो का मार्केट बुरी तरह पिट गया है. कंपनी ने 2015 में इसके GenX वर्जन को लौन्च किया था. इसमें औटोमैटिक मैन्युअल ट्रांसमिशन की सुविधा दी गई थी, लेकिन कार की बिक्री पर इसका कोई खास फर्क देखने को नहीं मिला. सूत्रों की मानें तो अगले साल तक यह कार बंद कर दी जाएगी. कंपनी के साणंड, गुजरात वाले प्लांट में नए मौडल जैसे टियागो को तैयार किया जा रहा है. टियागो की बिक्री इस वक्त मार्केट में काफी अच्छी है.

सबसे ज्यादा 2012 में बिकी नैनो

नैनो की साल 2012 में सबसे ज्यादा 74,524 कारें बिकी थीं. लेकिन, उसके बाद सेल में भारी कमी देखी गई. वैसे साल 2016 में कुछ हद तक रिकवरी देखने को मिली और 21012 यूनिट्स बिकी लेकिन उसके बाद गिरावट का दौर एक बार फिर से चालू हो गया. साल 2017 में 7,591 बिकी और 2018 में सिर्फ 1,851 कारें बिकीं हैं.

इलेक्ट्रिक सेगमेंट पर जोर

टाटा का जोर अब इलेक्ट्रिक कार बनाने पर है. नैनो को बंद करने के पीछे भी उसका यही मकसद हो सकता है. जानकारों की मानें तो नैनो का इलेक्ट्रिक वर्जन भी लाया जा सकता है. हालांकि, इस कौस्ट में इलेक्ट्रिक वर्जन निकालना आसान नहीं होगा. कंपनी का प्लान है कि 2021 तक वह इलेक्ट्रिक सेगमेंट में पूरी तरह उतर जाए. इसको लेकर कुछ कन्सेप्ट मौडल तैयार किए गए हैं. कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार 2020 तक आने की उम्मीद है.